बिजली निजीकरण के विरोध में नूंह में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, शहर में निकाला जुलूस

 


नूंह, 23 अक्टूबर (हि.स.)। गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का जिम्मा निजी कंपनी इलेवन को सौंपने के विरोध में ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन के बैनर तले हड़ताली बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों ने शुक्रवार काे नूंह में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शहर में जुलूस निकालकर सरकार के निजीकरण संबंधी फैसले के खिलाफ रोष जताया। कर्मचारी नेताओं ने सरकार से बिजली वितरण का लाइसेंस तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक फैसला वापस नहीं लिया जाता, हड़ताल जारी रहेगी।

प्रदर्शन को सीटू के प्रदेश महासचिव जय भगवान, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान समून खान तथा बिजली कर्मचारी यूनियन के नेता योगराज दीक्षित, शब्बीर और महेंद्र सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। संगठन नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार बिजली जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक विभाग को निजी कंपनी के हवाले क्यों कर रही है। उनके अनुसार, हरियाणा बिजली विभाग की कुल आय में गुरुग्राम और नूंह जिलों की हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की आय से जुड़े बिजली वितरण कार्य को निजी कंपनी को सौंपने से सार्वजनिक संपत्ति और उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होंगे।

उन्होंने मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री के उन बयानों पर भी सवाल उठाए, जिनमें कथित तौर पर बिजली के निजीकरण का समर्थन नहीं करने की बात कही जा रही है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में निजीकरण के पक्ष में नहीं है तो उसे हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा इलेवन कंपनी को जारी किए गए बिजली वितरण लाइसेंस को तत्काल रद्द करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी बिजली वितरण व्यवस्था निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है।

प्रदर्शन को कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के भाई मेहताब, समाजसेवी हिदायत कमांडो, किसान यूनियन नेता सिराजुद्दीन, सीटू के जिला संयोजक अनिल कुमार, ग्रामीण चौकीदार नेता इमरान, आशा यूनियन की नेता माया तथा यूनियन नेताओं देवेंद्र, जुबेर, बिजेंद्र, आसिफ, नीरज तिवारी, प्रकाश, विनोद और दिनेश सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। यूनियन नेताओं ने बताया कि बिजली कर्मचारियों की तालमेल कमेटी 24 अक्टूबर को आंदोलन के अगले चरण को लेकर बड़ी कार्रवाई की घोषणा करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजीकरण के फैसले को वापस लेने तक उनका विरोध जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया