जींद : जिला कारागार में कैदी की मौत पर परिजनों ने एसपी से लगाई जांच की गुहार

 


जींद, 04 अगस्त (हि.स.)। जिला कारागार में कुकर्म के मामले में उम्र कैद सजायाफ्ता कैदी द्वारा बैरक में फांसी का फंदा लगा कर आत्महत्या करना परिजनों को रास नही आ रहा है। मंगलवार को मृतक के परिजन एसपी कुलदीप सिंह के कार्यालय पर पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की गुहार लगाई। परिजनों का कहना था कि मृतक को न तो जिला कारागार में उचित उपचार मिल रहा था, उसे मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान भी किया जा रहा था। एसपी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

एसपी से मिलने आए मृतक संदीप की भाभी मोनिका ने कहा कि संदीप के साथ बहुत गलत किया गया है। जेल प्रबंधन कह रहा है कि संदीप ने आत्महत्या की है। जबकि संदीप को मारा गया है। जब रात को उसकी मौत हुई तो उनके पास सुबह क्यों फोन किया गया। उसी समय सूचना क्यों नही दी गई लेकिन उनकी किसी भी संदेह पर कोई कार्रवाई नही हो रही है। चाचा सुनील ने कहा कि जिला कारागार में संदीप द्वारा फांसी का फंदा लगए जाने की बात कही जा रही है लेकिन सच्चाई कुछ और है। उनका मानना है कि संदीप ने आत्महत्या नही बल्कि उसकी हत्या की गई है। शनिवार को उसका भाई व भाभी उससे मिलने आए थे। तब उसने रोते हुए अपने शरीर पर लगे चोटों के निशान दिखाए थे और कहा था कि यह लोग उसे अंदर ही मारेंगे। एसपी कुलदीप सिंह से मिल कर उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच व संदीप की वॉयस रिकोर्डिंग में जिनके नाम लिए गए हैं, उन पर मामला दर्ज कर जांच की जाए। एसपी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

यह है मामला

गौरतलब है कि मूलत: गांव लाखनमाजरा हाल गांव बहादुर सफीदों निवासी 26 वर्षीय संदीप कुकर्म के मामले में उम्र कैद सजायाफ्ता कैदी था। संदीप के खिलाफ 2022 सदर थाना सफीदों में कुकर्म का मामला दर्ज हुआ था। जिसमें उसे अक्टूबर 2023 में उम्र कैद की सजा हुई थी। तभी से वह जिला कारागार की बैरक में नंबर दो में सजा काट रहा था। रविवार मध्यरात्री के बाद कैदी संदीप पायजामे का फंदा बना कर फांसी लगा ली। घटना का सोमवार सुबह उस समय पता चला जब अन्य कैदी सोकर उठे और संदीप को फांसी के फंदे पर लटकता देखा। सूचना पाकर जेल के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जिसकी सूचना सिविल लाइन थाना पुलिस तथा मृतक के परिजनों को दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा