जींद : किसान समस्याओं पर इनेलो कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

 


जींद, 08 अक्टूबर (हि.स.)। किसान समस्याओं को लेकर गुरूवार को इनेलो कार्याकर्ताओं ने नरवाना, उचाना नई अनाज अनाज मंडी और अलेवा अनाज मंडी में प्रदर्शन किया और सेक्रेटरी के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने किया। उन्होंने किसानों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि अब तक मंडियों में लगभग सात लाख मैट्रिक टन धान आ चुका है, जबकि खरीद केवल 1.26 लाख मेट्रिक टन ही खरीदा गया है और भुगतान केवल 13.52 करोड रुपये का है। जबकि खरीदे गई धान की कीमत 307.57 करोड़ रुपये बनती है।

सरकार में किसान हर तरह से परेशान है ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे सरकार किसानों से खार खाई हुई है। सरकार द्वारा जो तीन कृषि काले कानून लगाई गए थे और किसानों ने उनका विरोध करके सरकार को झुकाते हुए कानून को वापस करवाने का काम किया था। उसी का बदला लेने के लिए सरकार बार-बार किसानों को परेशान कर रही है। ऐसी हालत में हम किसानों के साथ खड़े हैं और किसानों की हर समस्या में साथ देने का काम करेंगे। आज 2461 रुपये धान का एमएसपी है लेकिन किसानों को ओने-पौने दामों में फसल बेचना पड़ रहा है 10 से 15-15 दिन तक किसानों को मंडियों में इंतजार करना पड़ता है।

इसके बावजूद जब की फसल नही बिकती है तो उसको उन्हीं दामों में भेज करके घर जाना पड़ता है। इसी प्रकार से ना ही समय पर किसानों की पेमेंट हो रही है और ना ही उठान हो रहा है। मंडियां खचाखच भरी हुई हैं। किसान को अपनी फसल डालने के लिए जगह नही मिलती है। नमी के नाम पर भी किसानों को लूटा जा रहा है। यहां तक देखने में आ रहा है कि जिस फसल की नमी 17 प्रतिशत से भी कम है, उसको भी प्रचेज नही किया जा रहा है। यह सरासर सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। इनेलो इसका पूर्ण विरोध करती है और सरकार से मांग करती है कि अन्नदाता को इतना परेशान ना किया जाए, मंडियों में दी जाने वाली सुविधाएं टॉयलेट, पीने का पानी, खाना आदि का भी किसी प्रकार का कोई प्रबंध नही है। यह सरकार पूर्ण रूप से फेल हो चुकी है, लाखों एकड़ फसल का आजतक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। मैपिंग नहीं हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा