जींद : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय व राजकीय महाविद्यालयों में सौंपा ज्ञापन
जींद, 27 अप्रैल (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जींद ईकाई ने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव पुन: प्रारंभ करवाने की मांग पर प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा । परिषद कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्र संघ चुनाव केवल एक चुनाव प्रक्रिया नहीं बल्कि विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र की पहली पाठशाला होते हैं। जहां से युवा नेतृत्व, संगठन क्षमता, जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना का विकास होता है।
जींद विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष सतविंदर ढिल्लों ने सोमवार को बताया कि एबीवीपी विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जो सदैव छात्र हित, शिक्षा की गुणवत्ता, राष्ट्र निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के लिए निरंतर कार्य करता आया है। इसी क्रम में छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे छात्र अपनी समस्याओं, मांगों और सुझावों को चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। छात्र संघ चुनावों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित होती है, निर्णय लेने की योग्यता बढ़ती है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की समझ मजबूत होती है। इसके साथ ही युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक जीवन के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। राजकीय महाविद्यालय जींद अध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि हरियाणा में वर्ष 1996 के बाद छात्र संघ चुनाव बंद कर दिए गए थे। जिसके कारण विद्यार्थियों को लंबे समय तक अपने प्रतिनिधि चुनने के अधिकार से वंचित रहना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2018 में छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से करवाया गया था, लेकिन उसके बाद से अब तक प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित रूप से छात्र संघ चुनाव आयोजित नहीं करवाए गए हैं। इस कारण लाखों विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर रहना पड़ा है। जब देश का युवा वर्ग लोकतंत्र का भविष्य माना जाता है, तब विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से दूर रखना उचित नहीं है। यदि छात्रों को कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर नेतृत्व का अवसर मिलेगा तो वही युवा भविष्य में समाज, प्रशासन और राजनीति में सकारात्मक भूमिका निभा सकेंगे। छात्र संघ चुनाव युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा