एसवीएसयू पलवल में उद्योगों की आवश्यकताओं पर हुए मंथन

 

पलवल, 01 अक्टूबर (हि.स.)। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान की परियोजना के अंतर्गत स्किल इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्योग कौशल में भविष्य की वर्क फ़ोर्स की आवश्यकताएं विषय पर इस एक दिवसीय कार्यशाला में इंडस्ट्री से आए हुए प्रतिनिधियों ने मंथन किया। परियोजना निदेशक एवं इंडस्ट्री रिलेशंस डिपार्टमेंट की निदेशक चंचल भारद्वाज ने उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच मजबूत समन्वय तथा मांग आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि स्किल गैप को भरना जरूरी है।

निदेशक चंचल भारद्वाज ने इंडस्ट्री से आए लोगों के साथ स्किल सेट और उनकी आवश्यकताओं पर चर्चा की। परियोजना सह-निदेशक डॉ. दलीप रैना ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उद्योग की जरूरतों को समझने और कौशल गैप को दूर करने पर जोर दिया। संवाद सत्र में बायो मेड से रविंदर रावत, फीनिक्स से सतीश कुमार, ट्रिनिटी टच से गजेंद्र सिंह, एलोफिक से कृष्ण कांत व नंदिनी, फ्लोवेल से जितेंद्र कौशिक और जयम इंडस्ट्रीज से हरिओम सहित कई अन्य प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वहीं, सरकारी विभागों व संस्थानों से राजकीय आईटीआई दीघोट के प्रधानाचार्य इंद्रजीत सिंह, करमबीर, डीआईसी पलवल से सोमदत्त और राजकीय आईटीआई हथीन से मनोहर लाल शामिल हुए।

चर्चा के दौरान उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ अनुशासन, संचार, डिजिटल कौशल और व्यावहारिक अनुभव देना जरूरी है। इसके लिए स्कूल, आईटीआई, विश्वविद्यालय और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी युवाओं को रोजगारपरक बनाने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यशाला में विश्वविद्यालय टीम के सदस्य उप निदेशक पंकज कुमार, डॉ. नीरू कलहेर, नीलम रानी और डॉ. कोमल भी उपस्थित रहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग