गुरुग्राम में डिफेंस यूनिवर्सिटी का निर्माण 12 साल बाद भी फाइलाें में अटका

 

रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने लोकसभा में उठाया मुद्दा

चंडीगढ़, 31 जुलाई (हि.स.)। केंद्र की यूपीए तथा हरियाणा की पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हरियाणा के हिस्से आई इंडियन नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी का प्रोजेक्ट 12 साल बाद भी फाइलों में दबा हुआ है। रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा लोकसभा में उठाए गए सवाल के जवाब में रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया कि गुरुग्राम में प्रस्तावित विश्वविद्यालय के लिए अभी तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तक मंजूर नहीं हुई है। फिलहाल केवल दो सदस्यीय समिति विभिन्न पक्षों से विचार-विमर्श कर प्रस्ताव तैयार कर रही है। जबकि भूमि अधिग्रहण, बाउंड्री वॉल, परिधि सडक़, गार्ड रूम और वॉच टावर जैसे शुरुआती कार्यों पर 176 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार से पूछा था कि परियोजना के लिए अब तक कितना धन आवंटित और खर्च हुआ,डीपीआर कब मंजूर हुई, देरी क्यों हुई और इसे पूरा करने की समय-सीमा क्या है। जवाब में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किसी तय समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि इंडियन डिफेंस यूनिवर्सिटी का प्रस्ताव तैयार करने के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है।

इंडियन नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी की घोषणा यूपीए सरकार के दौरान हुई थी। उस समय हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी और राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना के लिए गुरुग्राम का चयन किया गया था। इसे आधुनिक युद्ध, राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर वारफेयर, स्पेस, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक अनुसंधान का विश्वस्तरीय संस्थान बनाने की योजना थी। उम्मीद थी कि इससे हरियाणा वैश्विक रक्षा शिक्षा के नक्शे पर स्थापित होगा।

रक्षा मंत्रालय ने संसद में बताया कि अब तक परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण, बाउंड्री वॉल, परिधि सडक़, गार्ड रूम और वॉच टावर का निर्माण पूरा किया गया है, जिस पर 176 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। लेकिन विश्वविद्यालय का शैक्षणिक ढांचा और मुख्य निर्माण अभी शुरू नहीं हो पाया है। सरकार ने यह भी कहा कि जब तक विश्वविद्यालय अस्तित्व में नहीं आता, तब तक प्रोफेशनल मिलिट्री एजुकेशन, स्ट्रैटेजिक रिसर्च और क्षमता निर्माण का काम सेना के मौजूदा प्रशिक्षण संस्थानों और त्रि-सेवा संस्थानों के माध्यम से किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा