यमुनानगर: आशा वर्कर के पद पर रहकर चुनाव लड़ी सरपंच काे मंडल आयुक्त से भी नहीं मिली राहत

 


यमुनानगर, 06 नवंबर (हि.स.) यमुनानगर के गांव दौलतपुर की सरपंच पिंकी रानी को आशा वर्कर के पद पर रहते हुए सरपंच का चुनाव लड़ने और दोनों पदों से मानदेय लेने के मामले में मंडल आयुक्त न्यायालय से भी राहत नहीं मिली है। अंबाला मंडल आयुक्त ने उनकी अपील खारिज कर दी है। इससे पहले उपायुक्त कार्यालय ने 21 जनवरी 2026 को उन्हें सरपंच पद से हटाने के आदेश जारी किए थे। पिंकी रानी ने इन आदेशों को चुनौती देते हुए मंडल आयुक्त के समक्ष अपील दायर की थी। मामले की शुरुआत दौलतपुर निवासी ममतेश पत्नी विनोद कुमार की शिकायत से हुई थी।

उन्होंने 27 अक्टूबर 2025 को प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि पिंकी रानी सरपंच होने के साथ आशा वर्कर के पद पर भी कार्यरत हैं और दोनों पदों से मानदेय प्राप्त कर रही हैं। शिकायत पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त कार्यालय ने 23 दिसंबर 2025 को पिंकी रानी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। प्रशासन के अनुसार, उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद 21 जनवरी 2026 को उन्हें सरपंच पद से हटाने के आदेश जारी किए गए।

इस कार्रवाई के खिलाफ पिंकी रानी ने मंडल आयुक्त अंबाला के समक्ष अपील की। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन किया गया। मंडल आयुक्त ने अपील को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। डीसीपीओ नरेंद्र सिंह के अनुसार, आदेश में उल्लेख किया गया कि पिंकी रानी ने सरपंच चुनाव लड़ने से पहले 12 अक्टूबर 2022 को आशा वर्कर पद से त्यागपत्र देने की बात कही थी, लेकिन चुनाव जीतने के बाद त्यागपत्र नहीं दिया। मंडल आयुक्त के फैसले से सरपंच पद से हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई पर राहत नहीं मिली।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार