सरकारी अस्पतालों से रैफरल सिस्टम बंद करने की मांग हांसी अस्पताल के सामने धरना

 


प्रदेश के 14 जिलों का दौरा कर चुके फरीदाबाद के सतीशसाइकिल यात्रा कर ले रहे अस्पतालों में सुविधाओं का जायजा

हांसी, 14 जून (हि.स.)। फरीदाबाद की रेफर मुक्त संघर्ष समिति के संयोजक सतीश

चोपड़ा अपने साथी के साथ साइकिल यात्रा पर हैं। वे हरियाणा के सरकारी अस्पतालों की

स्थिति का जायजा ले रहे हैं। हांसी पहुंचने पर उन्होंने सिविल अस्पताल के बाहर सांकेतिक

धरना दिया और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग उठाई।

सतीश चोपड़ा ने रविवार काे बताया कि इससे पहले उन्होंने फरीदाबाद सिविल अस्पताल के बाहर

294 दिनों तक धरना दिया था। उस समय सरकार ने अस्पतालों के उन्नयन, ट्रॉमा सेंटर निर्माण

और डॉक्टरों व स्टाफ की संख्या बढ़ाने सहित कई घोषणाएं की थीं, लेकिन अधिकांश पर अभी

तक काम शुरू नहीं हुआ है। इसी कारण वे साइकिल यात्रा के माध्यम से सरकारी अस्पतालों

की वास्तविक स्थिति जानने और लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने

अब तक हरियाणा के 14 जिलों का दौरा किया है।

हांसी के अस्पताल में बताईं कई कमियां

हांसी सिविल अस्पताल में उन्होंने कई कमियां बताईं। कहा कि, यहां प्राथमिक

ट्रॉमा सुविधा तो है, लेकिन पूर्ण ट्रॉमा सेंटर नहीं है। अस्पताल में फार्मासिस्ट समेत

कई पद खाली हैं। कैंसर डे-केयर सेंटर में ऑन्कोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, बच्चों के आईसीयू और एचडीयू में स्टाफ की कमी के कारण मरीजों

को कई सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, अस्पताल में साफ-सफाई और

पेयजल व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, लेकिन कई वार्डों में एसी काम नहीं कर रहे थे। मरीजों

को आवश्यक दवाइयों की कमी के कारण बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। गंभीर मरीजों

को पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर करना पड़ता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर