हिसार में सैनिक से मैट्रीमोनियल ऐप के जरिए शादी का झांसा देकर सात लाख की साइबर ठगी
पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू की
हिसार, 17 अक्टूबर (हि.स.)। हिसार मिलिट्री कैंट में तैनात भारतीय सेना के
एक जवान को मैट्रीमोनियल ऐप के जरिए साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये
की चपत लगा दी है। ठगों ने खुद को ब्रिटेन की रहने वाली युवती बताकर पहले जवान को शादी
का झांसा दिया और इसके बाद फर्जी इन्वेस्टमेंट ऐप के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच
देकर करीब सात लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित जवान की शिकायत पर पुलिस ने ठगों के खिलाफ
मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले और वर्तमान में हिसार मिलिट्री कैंट में
तैनात 32 वर्षीय जवान धनराज ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि यह पूरा मामला
पंचकूला से हिसार साइबर थाने में स्थानांतरित हुआ है। फौजी ने पुलिस को जानकारी दी
कि करीब डेढ़ महीने पहले उसने संगम मैट्रीमोनियल ऐप डाउनलोड किया था और ऐप पर अपनी
प्रोफाइल बनाने के बाद उसके पास एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज आया था। चैट
करने वाली युवती ने अपना नाम सारान्या और अपना पता ग्रीनिच, यूके बताया था। धीरे-धीरे
दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ा और दोनों पक्षों के परिजनों ने कॉन्फ्रेंस कॉल
के माध्यम से आपस में बात करके शादी के लिए हां कर दी। जवान ने दो नवंबर को छुट्टी
पर चेन्नई जाकर शादी की तारीख तय करने की योजना बनाई थी।
शादी तय होने के बाद युवती ने जवान को झांसे में लेते हुए कहा कि शादी में
काफी खर्च आएगा, इसलिए दोनों मिलकर ट्रेडिंग का बिजनेस करते हैं। जवान के इस बात पर
राजी होने पर युवती ने उसे एक लिंक भेजा, जिसके जरिए लूनो एक्सचेंज ऐप और लूनो टीम-3020
नाम का व्हाट्सएप ग्रुप ओपन हुआ। उस ग्रुप में पीटर विलियम्स नामक एडमिन ने ट्रेडिंग
के निर्देश देने शुरू किए और शुरुआत में जवान ने विश्वास जीतने के लिए दस हजार और बीस
हजार रुपये का निवेश किया, जिस पर मुनाफा दिखाकर उसे पैसे निकालने भी दिए गए ताकि उसका
भरोसा पूरी तरह जीता जा सके। इसी शातिर झांसे में आकर जवान ने गत दस सितंबर से इक्कीस
सितंबर के बीच अपने बैंक खाते से तीन लाख 31 हजार 760 रुपये और अपने साथी फौजी सर्वेश
बरन के खाते से करीब तीन लाख रुपये यानी कुल लगभग सात लाख रुपये उस फर्जी ऐप में ट्रांसफर
कर दिए।
इस भारी-भरकम निवेश के बदले ऐप पर 53 हजार 93 यूएसडीटी यानी लगभग 50 लाख
43 हजार भारतीय रुपये का बड़ा बैलेंस दिखाई देने लगा। जब जवान ने इस राशि को अपने खाते
में निकालने की कोशिश की, तो पैसे बिल्कुल भी बाहर नहीं आए। इसके बाद जब उसने सारान्या
और पीटर से इस बारे में बात की, तो वे उससे और पैसों की मांग करने लगे। पैसे निकालने
में असमर्थ होने और अतिरिक्त रुपयों की मांग किए जाने पर जवान को अपने साथ हुई भयंकर
धोखाधड़ी का अहसास हुआ, जिसके बाद उसने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल
और पंचकूला साइबर क्राइम थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई, जो अब हिसार साइबर थाने में
पहुंच चुकी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर