साइबर अपराधियों के फोन नंबरों के लिए बनेगा डेटा बैंक

 


चंडीगढ़, 05 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा पुलिस अब साइबर ठगी करने वाले अपराधियों के फोन नंबरों का डेटा बैंक तैयार करेगी। पुलिस का सोशल मीडिया सैल इस मामले में एक्टिव हो गया है। अब सभी नंबरों की बैक ट्रैकिंग होगी। जिसके आधार पर साइबर ठगी के आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

हरियाणा में साइबर ठगी, स्कूलों व अन्य संस्थानों में बम की धमकी आदि के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वर्ष 2025 में साइबर अपराध के कुल 5,000 मामले दर्ज किए गए, जो 2024 (6,054 मामले) की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत कम रहे हैं।

साइबर अपराधियों द्वारा 2024 में 980 करोड़,2025 में 630 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। 2025 में पुलिस ने 8,022 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

अब पुलिस साइबर अपराधियों के विरूद्ध रणनीति के तहत कार्रवाई करेगी। जिसके चलते सोशल मीडिया सैल द्वारा फिरौती की कॉल तथा साइबर ठगी की कॉल वाले फोन नंबरों का डाटा बैंक तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा आईपी एड्रस का रिकार्ड अलग से रखा जा रहा है। हरियाणा पुलिस द्वारा वटसप, जीमेल, फेसबुक आदि सोशल सर्विस प्रोवाइडरों को पत्र लिखकर नियमित रूप से जानकारी साझा करने के लिए कहा गया है।

पुलिस के सोशल मीडिया सेल द्वारा डाटा बैंक में शामिल फोन नंबरों तथा आईपी एड्रेस मिलान करके यह पता लगाया जाएगा कि साइबर ठगी का गिरोह कौन चला रहा है और कहां से चल रहा है। इस रिकार्ड के आधार पर नियमित अपराधियों को चिन्हित करके उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।

हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार पुलिस का सोशल मीडिया सैल पूरी तरह से एक्टिव कर दिया गया है। फोन नंबरों की ट्रैकिंग की जा रही है। कई केसों में अपराधियों को पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश से भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। आने वाले दिनों में साइबर ठगों के विरूद्ध ऑपरेशन को तेज किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा