फसलों के मुआवजे पर आमने-सामने हुए सरकार और विपक्ष

 

चंडीगढ़, 27 फ़रवरी (हि.स.)। किसानों को फसल खराब होने पर मुआवजा राशि न मिलने के मामले में शुक्रवार को विधानसभा में सरकार तथा विपक्ष आमने-सामने हो गए। राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने सदन में बताया कि कुछ किसानों के बैंक खाते सही नहीं है, इस कारण राशि खातों में नहीं डल रही। ऐसे सभी किसानों के खातों की जांच कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं, पटवारी इस मामले में जांच कर रहे हैं।

किसी भी किसान का एक पैसा भी शेष नहीं रहेगा। जिस किसान की फसल खराब हुई है उसे नियमों के हिसाब से मुआवजा राशि दी जाएगी। इस संदर्भ में कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने सदन में सवाल किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को कम मुआवजा दिया जा रहा है। वर्ष 2022 से 2026 तक किसानों की फसल मुआजवा राशि पैंडिंग है, किसान मुआवजे के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

जिसके जवाब में मंत्री ने कहा कि कहीं अकाउंट में दिक्कत है, तो कहीं क्लेरेकल दिक्कत है।

अब हम ऐसे किसानों के खाते ठीक कर रहे हैं, जिन्होंने मुआवजा राशि के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनको राशि नहीं मिल पाई। क्योंकि चंडीगढ़ से राशि जारी की जा चुकी है, चार-चार बार भेजने के बावजूद खातों में राशि नहीं पहुंच पा रही, इसी कारण हमने खाते चेक कराने का निर्णय लिया है, इस मामले में री एग्जामिन होने के बाद राशि तुरंत जारी कर दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार ने रबी 2025 में 116 करोड़ से ज्यादा की राशि किसानों के खातों में डाली है। रबी 2025 में 52 करोड़ रुपए, रबी 2024 में 127 करोड़, खरीफ 2023 में 210 करोड़, रबी 2023 में 180 करोड़ रुपए की राशि स्वीकार की गई।

खरीफ 2024 में यमुनानगर में नुकसान हुआ था, इस अवधि में यमुनानगर को 34.35 लाख रुपए की राशि दी गई थी, लेकिन इसमें से 24.09 लाख रुपये दिए गए, जबकि 10 लाख किसानों के खाते उपलब्ध न कराने, कुछ किसानों द्वारा राशि लेने से मना करने, कुछ किसानों की मृत्यु होने या अन्य कारणों से नहीं दिए जा सके। रबी 2023 में पांच प्रयास करने के बावजूद भी 13.91 लाख रुपये की राशि किसानों को नहीं दी जा सकी। खरीफ 2023 में तीन प्रयासों के बावजूद भी किसानों के खातों में त्रुटियों के चलते 19.08 लाख रुपये नहीं पहुंचे। इसी तरह रबी 2024 में 34.61 लाख रुपये, रबी 2025 में 92.04 लाख रुपये खातों में नहीं जा पाए। खरीफ 2025 में 2.68 करोड़ से ज्यादा राशि नहीं पहुंच सकी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा