भविष्य की चुनौतियों व लक्ष्य को समझने में समाज और विधायकों की भूमिका अहम

 








हिमाचल,जम्मू,राजस्थान उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्षों ने रखे विचार

चंडीगढ़, 09 जून (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन इंडिया रीजन ज़ोन-टू (नॉर्थ ज़ोन) कॉन्फ्रेंस के तकनीकी सत्र में कई राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष,उपाध्यक्ष से लेकर राज्यसभा के उपसभापति तक ने हिस्सा लिया। सभी वक्ताओं ने भविष्य की चुनौतियों और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को समझने में जागरूक समाज और विधायकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की और अपने -अपने विचार रखे।विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने सभी डेलीगेट्स का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे सभी इस तकनीकी सत्र से कुछ नया अनुभव हासिल करेंगे और संकल्पबद्ध होकर देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा कि कांफ्रेंस में विचार -विमर्श से कुछ ऐसा निष्कर्ष निकलेगा जो कि विकसित भारत -2047 के विजन में मिल का पत्थर साबित होगा। तोमर ने कहा कि हमारा फर्ज बनता है कि हम भावी पीढ़ी को एक समृद्ध एवं सशक्त भारत लेकर जाएं।

राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि देश का सम्पूर्ण विकास तभी होगा जब समाज में सामाजिक समरसता,पर्यावरण,तकनीक और संसदीय लोकतंत्र भी उन्नत होगा।

जम्मू कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि आज भारत विकास के मामले में ग्लोबल लीडर की तरह आगे बढ़ रहा है,हमें इस गति को और अधिक तेज करना है ताकि देश के नागरिक समृद्ध एवं सशक्त बन सकें।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि वे चुनाव में पांच वर्ष के लिए तो चुन कर आ गए , अगली बार फिर से विधायक कैसे बनें ? यह सोचकर जनकल्याण के कार्य करने होंगे।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि जब सभी राज्यों का समान रूप से विकास होगा तभी पूरा देश विकसित हो पाएगा। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस के विषय की सार्थकता तभी होगी जब सभी विधायक अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन ईमानदारी से करें। इस अवसर पर अनेक विधायकों के अलावा नॉर्थ जोन राज्यों की विधानसभाओं के डेलीगेट्स भी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा