हरियाणा व पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने मिलाया हाथ, कृषि अनुसंधान व शिक्षा में बढ़ेगा सहयोग

 


संयुक्त शोध, छात्र-शिक्षक विनिमय और डिजिटल कृषि को मिलेगा बढ़ावा, एमओयू

पर हुए हस्ताक्षर

हिसार, 04 अगस्त (हि.स.)। उत्तर भारत के दो अग्रणी कृषि संस्थानों हिसार के

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना ने कृषि शिक्षा,

अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंगलवार को एक महत्वपूर्ण

समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालय

कृषि क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों का संयुक्त रूप से समाधान तलाशने के साथ-साथ नवाचार

और आधुनिक तकनीकों के विकास में भी मिलकर कार्य करेंगे।

हकृवि के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने कहा कि यह समझौता केवल औपचारिक दस्तावेज

नहीं, बल्कि दोनों प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालयों के दशकों पुराने संबंधों को नई

ऊर्जा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों के उद्देश्य और

चुनौतियाँ समान हैं, इसलिए यह साझेदारी कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।

उन्होंने बताया कि समझौते के तहत शिक्षक एवं छात्र विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त डिग्री

पाठ्यक्रम, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, प्रयोगशालाओं

और अन्य सुविधाओं का साझा उपयोग तथा शोध प्रकाशनों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे दोनों

विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और वैश्विक पहचान को मजबूती मिलेगी।

पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने कहा कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय सात

विश्वविद्यालयों की जननी रहा है और दोनों संस्थानों के बीच लंबे समय से शैक्षणिक एवं

अनुसंधान सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर में गिरावट, मृदा स्वास्थ्य का ह्रास

और मीथेन उत्सर्जन जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

उन्होंने बताया कि पीएयू अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ डिजिटल कृषि और कृषि-आधारित उद्यमिता

को भी बढ़ावा दे रहा है। ऐसे में दोनों विश्वविद्यालयों की विशेषज्ञता और संसाधनों

का समन्वय टिकाऊ कृषि विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। पीएयू के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट

सदस्य डॉ. अशोक कुमार ने भी इस साझेदारी को शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों

में नई उपलब्धियों का आधार बताया।

दोनों विश्वविद्यालयों के अनुसंधान निदेशकों ने किए हस्ताक्षर

दोनों कुलपतियों की उपस्थिति में पीएयू की ओर से अनुसंधान निदेशक डॉ. अजमेर

सिंह धत्त तथा हकृवि की ओर से अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने समझौता ज्ञापन पर

हस्ताक्षर किए। डॉ. राजबीर गर्ग ने विश्वास जताया कि दोनों कुलपतियों के नेतृत्व में

यह साझेदारी कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।

समारोह में दोनों विश्वविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पीएयू के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. एमएस भुल्लर ने धन्यवाद किया, जबकि सह निदेशक डॉ.

विशाल बेक्टर ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर हकृवि के कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता

डॉ. रमेश गोयल तथा विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश कौशिक भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर