सहकारिता मंत्री के तर्क पर शांत हुआ विपक्ष तो चला प्रश्नकाल

 


चंडीगढ़, 31 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन जहां विपक्ष के हंगामे के कारण सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं चल सकी वहीं विपक्ष ने सोमवार को दूसरे दिन भी सदन में हंगामा किया। 27 अगस्त को स्पीकर की तरफ से प्रश्नकाल के लिए 20 सवालों को सूचीबद्ध किया गया था लेकिन कांग्रेस के हंगामे के कारण विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के सवाल सदन में नहीं उठा सके। ऐसी ही स्थिति सोमवार को भी सदन में बन गई।

हंगामे के बीच स्पीकर हरविंद्र कल्याण से समय लेकर प्रदेश के सहकारिता एवं जेल मंत्री अरविंद शर्मा उठे और उन्होंने कहा कि हल्ला मचाने वाले कई विधायक छह-छह बार चुनकर आए हैं। इसके बावजूद वह नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। प्रश्नकाल बेहद महत्वपूर्ण होता है।

अरविंद शर्मा ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर चर्चा प्रश्नकाल के बाद की जाती है। प्रश्रकाल को बाधित नहीं किया जाता है। इसके बावजूद 20 सवाल सदन में उठाए नहीं जा सके। आज भी 20 प्रश्न लगे हैं। अरविंद शर्मा ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्ष के विधायक हर बार ‘मेरे अधिकार’ का हवाला दे रहे हैं। जिसका कोई औचित्य नहीं है।

अरविंद शर्मा ने कहा कि जनता का अधिकार सबसे उपर है। अरविंद शर्मा के तर्क पर ट्रेजरी बैंचों ने मेज थपथपाकर उनका समर्थन किया। शर्मा ने कहा कि आज सिंचाई, स्वास्थ्य, खेल, बिजली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विधायकों के सवाल लगे हुए हैं। विपक्ष अपने मुद्दे प्रश्नकाल के बाद उठा सकता हैं लेकिन प्रश्नकाल को बाधित करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं का हनन है। अरविंद शर्मा के तर्क के बाद विपक्ष के विधायक अपनी सीटों पर बैठ गए और प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा