हिसार : बेरोजगारों को रोजगार व हर नागरिक को छत मुहैया करवाने के सरकार के दावों में विरोधाभास : दलबीर किरमारा

 


रोजगार चलाने वालों

का रोजगार व छत बनाने वालों की छत को मिनट में तहस-नहस कर रहे विभाग

रेहड़ी, खोखों

वालों व मकान मुहैया करवाने के लिए स्पष्ट नीति बनाए सरकार

हिसार। इनेलो के

प्रदेश सचिव दलबीर किरमारा ने कहा है कि बेरोजगारों को रोजगार देने व हर नागरिक को

छत मुहैया करवाने के केन्द्र व प्रदेश सरकार के दावों में विरोधाभास है। सरकार की इस

दोगली नीतियों का खामियाजा जरूरतमंदों व बेरोजगारों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार को

अपनी इन नीतियों में परिवर्तन करना चाहिए ताकि जनता को राहत मिल सकें।

दलबीर किरमारा ने

शुक्रवार काे कहा कि सरकार के विभिन्न विभाग, जैसे हुडा, टाउन प्लानिंग, नगर निगम, नगर परिषद व

पालिकाएं अवैध कब्जे हटाने के नाम पर अभियान चलाती है। सबसे पहले इसी बात पर गौर करना

जरूरी है कि ये अवैध कब्जे क्यों व किसकी छत्रछाया में फैले। अवैध कब्जों के जिम्मेवार

अधिकारियों व कर्मचारियों ने येन केन प्रकारेण अपना काम में लापरवाही बरती और अब उनकी

लापरवाही का खामियाजा या तो कहीं रेहड़ी लगाकर रोजगार चलाने वालों को भुगतना पड़ रहा

है या फिर कहीं छत बना लेने वाले को भुगतना पड़ रहा है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र

मोदी कह रहे हैं कि पकौड़े बनाकर बेचना भी एक रोजगार है और कोई बेरोजगार व जरूरतमंद

कहीं रेहड़ी लगाकर पकौड़े बनाकर या खाने की रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का पेट पालने

का प्रयास करता है तो उसको संबोधित विभागों द्वारा बड़ी बेदर्दी से न केवल हटा दिया

जाता है बल्कि उनके रेहड़ी व खोखों को भी तहस-नहस कर दिया जाता है। उसकी महीनों की

कमाई को एक मिनट में ध्वस्त कर देना किसी भी प्रकार की मानवीयता नहीं कही जा सकती।

दलबीर किरमारा ने

कहा कि इन दिनों अवैध कॉलोनियों पर भी पीला पंजा चलाने के समाचार सुर्खियों में है।

चुनाव में समय जिन कॉलोनियों को नियमित करने के दावे किए जाते हैं या नियमित कर भी

दिया जाता है, ऐसी कॉलोनियों को इस समय तोड़ा जा रहा है। कोई सेवानिवृत फौजी, किसी

अन्य विभाग का कर्मचारी या कोई किसान इन कॉलोनियों में जगह लेकर अपना सिर ढंकने के

लिए छत बना लेता है तो उसकी भी वर्षों की कमाई को एक मिनट में तहस-नहस कर दिया जाता है। प्रधानमंत्री हर सिर को छत देने की बात भी करते हैं लेकिन

यदि कोई खुद छत बनाए तो उसकी छत को तोड़ दिया जाता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह

अपने दावों में एकरूपता बनाए, रेहड़ी व खोखों वालों को जगह मुहैया करवाए और लोगों को

मकान बनाने के लिए भी सरकार उचित दरों पर प्लॉट उपलब्ध करवाए ताकि ऐसी नौबत ही न आए

क्योंकि सेक्टरों में प्लॉट लेकर मकान बनाना हर किसी के वश की बात नहीं होती।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर