जींद: प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन
जींद, 22 जुलाई (हि.स.)। जींद में दिल्ली कूच के दौरान प्रमोद सहवाग और उनके साथियों को बुधवार काे पुलिस ने रास्ते में रोककर डिटेन किया। प्रमोद सहवाग ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। शांतिपूर्ण विरोध और जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। संघर्ष रुकेगा नही, और आवाज दबेगी नही।
प्रमोद सहवाग ने कहा कि जनता के अधिकारों, युवाओं, किसानों, महिलाओं और हर वर्ग की आवाज को बुलंद करने का हमारा संकल्प अडिग है। हम लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और जनहित के लिए अपनी लड़ाई पूरी दृढ़ता के साथ जारी रखेंगे। प्रमोद सहवाग ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और अपनी बात रखने का अधिकार संविधान प्रदत्त अधिकार है। सरकार को छात्रों और विपक्ष की आवाज दबाने की बजाय उनसे संवाद करना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी को जबरन हिरासत में लेना और पुलिस कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। कांग्रेस जिला प्रधान ने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र केवल सत्ता चलाने का नाम नही बल्कि विपक्ष की आवाज सुनने और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करने का भी नाम है। रिषिपाल हैबतपुर ने कहा कि देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास कायम रखना सरकार की जिम्मेदारी है। बार-बार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों का सरकार को जवाब देना चाहिए। सहवाग ने कहा कि 21 जुलाई को नई दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा