सिरसा : मंच का ‘शुद्धिकरण’ संविधान और समानता का अपमान: सैलजा
सिरसा, 14 अगस्त (हि.स.)। सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े की जनसभा के बाद कथित रूप से मंच का ‘शुद्धिकरण’ किए जाने की घटना को संविधान, सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस घटना के लिए न केवल मल्लिकार्जुन खडग़े बल्कि पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। सैलजा शुक्रवार को सिरसा में कांग्रेस द्वारा शुद्धिकरण के विरोध में आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित कर रही थी।
कुमारी सैलजा ने कहा कि एक तरफ सरकार तिरंगा यात्राएं निकाल रही है और देश आजादी का पर्व मनाने जा रहा है, दूसरी तरफ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान की मूल भावना और समानता के सिद्धांतों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सैलजा ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर इस घटना से गंभीर सवाल खड़े होते हैं। धर्म और जाति के आधार पर लोगों के बीच भेदभाव पैदा करने वाली सोच देश को मजबूत नहीं बल्कि कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता जेपी नड्डा की ओर से मामले की जांच करवाने की बात कही गई है, लेकिन देश के सामने आई घटना पर केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है। दोषियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सैलजा ने सफाई कर्मचारियों के धरने में पहुंची और मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को उनके साथ न्याय करते हुए पात्र कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ शहरों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये के ठेके दिए जा रहे हैं और वॉल पेंटिंग जैसे कार्यों पर पैसा खर्च किया जा रहा है, जबकि वास्तव में शहर को साफ रखने वाले कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma