कॉलेज प्रोफेसरों को ग्रामीण सेवा में एक साल की छूट
उच्चतर शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश
चंडीगढ़, 20 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत हजारों प्राध्यापकों और प्रोफेसरों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य सरकार ने करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नति (प्रमोशन) पाने के लिए अनिवार्य की गई ग्रामीण सेवा की शर्त में 1 साल के लिए छूट प्रदान की है।
उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है। यह आदेश राज्य के सभी राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को तत्काल अनुपालन के लिए भेज दिया गया है। इस फैसले से उन शिक्षकों को तुरंत प्रमोशन मिल सकेगा, जो केवल ग्रामीण क्षेत्रों में अनिवार्य सेवा अवधि पूरी न होने के कारण अटके हुए थे। नए नियमों के साथ कॉलेज प्रिंसिपलों को तुरंत पात्र शिक्षकों के केस निदेशालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
यूजीसी और हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक, असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर व अगले पे-स्केल में प्रोमोट होने के लिए शिक्षकों को न्यूनतम एक से दो वर्ष ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी कॉलेजों में सेवा देना अनिवार्य होता था। प्रशासनिक कारणों से तबादला न हो पाने के कारण कई शिक्षकों का प्रमोशन रुक जाता था। सरकार ने अब इसे 1 साल के लिए स्थगित कर दिया है। सरकार के इस फैसले से लंबे समय से लंबित सीएएस केस क्लियर होंगे। शिक्षकों को समय पर वित्तीय लाभ व एरियर का रास्ता साफ होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा