हरियाणा के कॉलेजों में दाखिलों का संकट, 51 फीसदी सीटें खाली

 

यूजी-पीजी के सभी वर्षों में एक नवंबर तक बढ़ाई दाखिला अवधि

चंडीगढ़, 24 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के कॉलेजों में दाखिलों का संकट गहरा रहा है। प्रदेशभर में आधी से ज्यादा यानी 51 फीसदी सीटें खाली हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि युवा यूजी और पीजी की पढ़ाई को तरजीह देने की बजाय प्रोफेशनल या फिर हुनरमंद कोर्सों को चुन रहा है, जो रोजगार में मददगार साबित हो रहे हैं।

प्रदेशभर भर के कॉलेजों में कुल 2.81 लाख सीटों में से 1.44 लाख सीटों पर विद्यार्थियों के प्रवेश नहीं हो सके। लिहाजा, कॉलेजों में दाखिले के घटते ग्राफ को देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के पहले, दूसरे, तीसरे और चौथे वर्ष में दाखिलों की अवधि एक नवंबर तक बढ़ाई है। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव, राजकीय और प्राइवेट कॉलेजों के प्राचार्यों को हिदायत दी है कि यूजी और पीजी के सभी पाठ्यक्रमों में दाखिला अवधि एक नवंबर तक बढ़ाई गई है। दाखिला लेने से वंचित युवाओं के निर्धारित अवधि के दौरान दाखिले किए जाएं।

उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कॉलेजों और विद्यार्थियों से दाखिला पोर्टल दोबारा खोलने तथा प्रवेश प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की गई थी। इन अनुरोधों को देखते हुए विभाग ने प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस फैसले से उन विद्यार्थियों को दाखिला लेने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जो किसी कारणवश निर्धारित समय में प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके थे।

सरकारी कॉलेजों में 57 हजार से अधिक सीटें खाली

उच्चतर शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में कुल 1.33 लाख सीटें उपलब्ध थीं। इनमें से 76 हजार सीटों पर ही दाखिले हुए, जबकि 57 हजार सीटें खाली रह गईं। इस प्रकार सरकारी कॉलेजों में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रवेश नहीं ले पाए। सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों की स्थिति भी चिंताजनक है। इन कॉलेजों में 96 हजार सीटों में से 45 हजार पर दाखिले हुए और 50 हजार सीटें खाली रह गईं। वहीं, स्ववित्तपोषित (सेल्फ फाइनेंस) कॉलेजों में कुल 51 हजार सीटें उपलब्ध थीं, जिनमें से केवल 15 हजार सीटें ही भर पाईं। यहां 36 हजार सीटों पर दाखिले नहीं हो सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा