नूंह के हरे प्याज से दिल्ली की मंडियों में रौनक, 7720 हेक्टेयर में हो रही खेती
नूंह, 29 अक्टूबर (हि.स.)। मेवात क्षेत्र में उत्पादित हरे प्याज की दिल्ली की मंडियों में अच्छी मांग बनी हुई है। जिले के किसान बड़े पैमाने पर प्याज की खेती कर रहे हैं और अपनी उपज को दिल्ली सहित अन्य मंडियों तक पहुंचा रहे हैं। चालू वर्ष में जिले में करीब 7720 हेक्टेयर क्षेत्र में प्याज की खेती की गई है। प्याज की फसल क्षेत्र के किसानों की आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन रही है। वहीं, बागवानी विभाग किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और सूक्ष्म सिंचाई पद्धति अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
जिला बागवानी अधिकारी डॉ. अब्दुल रज्जाक ने बताया कि नूंह जिले की जलवायु और मिट्टी प्याज की खेती के अनुकूल है। जिले के कई गांवों में किसान बड़े क्षेत्र में प्याज की फसल उगाते हैं। फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में भी प्याज की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। किसान अपनी उपज वाहनों के माध्यम से दिल्ली की मंडियों तक पहुंचाते हैं, जबकि कुछ किसान स्थानीय बाजारों में भी प्याज की बिक्री करते हैं। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के अवसर मिल रहे हैं।
सूक्ष्म सिंचाई अपनाने पर 15 हजार रुपये तक अनुदान
जिला बागवानी अधिकारी ने बताया कि किसानों को खेती में पानी की बचत करने और उत्पादन लागत कम करने के लिए सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनानी चाहिए। बागवानी विभाग की योजना के तहत निर्धारित नियमों एवं पात्रता के अनुसार नई तकनीक और सूक्ष्म सिंचाई विधि अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक के उपयोग के लिए प्रोत्साहन मिलता है और पानी का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि जिले के पाटूखेड़ी, रवा, बघोला, महूं, तिगांव और रनियाला सहित कई गांवों में प्याज की खेती प्रमुखता से की जाती है। विभाग की ओर से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
डॉ. अब्दुल रज्जाक ने बताया कि बागवानी विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को सरकार के मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इसके साथ ही संबंधित योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा। किसानों को आवश्यक दस्तावेज और योजना की शर्तें पूरी करनी होंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया