हिसार : युवाओं ने होली पर की अनोखी पहल, गांव के प्रवेश द्वार से कचरा हटाकर की सफाई
ग्रामीणों व ग्राम पंचायत सहित हर कोई कर सराहना,
सोशल मीडिया पर छाए युवा
हिसार, 04 मार्च (हि.स.)। जिले के उकलाना क्षेत्र
के गांव कुंदनपुरा में युवाओं की ओर से होली के अवसर पर एक प्रेरणादायक और अनोखी पहल
की गई है। आमतौर पर होली का त्योहार रंगों और उत्सव के साथ मनाया जाता है, वहीं गांव
के कुछ जागरूक युवाओं ने इस बार होली को समाज सेवा के रूप में मनाने का निर्णय लिया
और गांव को चमका डाला।
समाजसेवी संजय टाक के नेतृत्व में युवाओं की
एक टीम ने बुधवार काे गांव की स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए सफाई अभियान चलाया और गांव के प्रवेश
द्वार पर लंबे समय से लगे कूड़े के ढेरों को हटाकर एक मिसाल पेश की। ग्रामीणों के अनुसार
गांव कुंदनपुरा के मुख्य एंट्री प्वाइंट पर काफी समय से कूड़ा जमा था, जिससे न केवल
गांव की छवि खराब हो रही थी बल्कि आसपास गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी बनी हुई थी।
इसी समस्या को देखते हुए समाजसेवी संजय टाक ने युवाओं को साथ लेकर सफाई अभियान की शुरुआत
की। युवाओं ने ट्रैक्टर, कस्सी और फावड़ों की मदद से कूड़े के ढेरों को हटाया और पूरे
क्षेत्र की सफाई कर दी।
इस अभियान में समाजसेवी संजय टाक के साथ राजेश,
राहुल, अमित, जितेन्द्र, रामफल, मोनी, केरूराम, सुनील वर्मा और प्रेम टाक सहित कई युवाओं
ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। युवाओं की इस पहल ने न केवल गांव को साफ-सुथरा बनाया बल्कि
समाज को यह सकारात्मक संदेश भी दिया कि त्योहार केवल उत्सव का माध्यम नहीं बल्कि समाज
सुधार का अवसर भी हो सकते हैं।
ग्रामीणों और ग्राम पंचायत कुंदनपुरा ने युवाओं
के इस सराहनीय कार्य की खुले दिल से प्रशंसा की। ग्राम पंचायत और गांव के बुजुर्गों
ने समाजसेवी संजय टाक और उनकी पूरी टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह की पहल से
गांव में जागरूकता बढ़ती है और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा मिलती है।
होली के मौके पर युवाओं द्वारा किया गया यह सफाई
अभियान आसपास के गांवों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अभियान के फोटो और वीडियो
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे लोगों को स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी
का संदेश मिल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह युवाओं
की भागीदारी समाज के कार्यों में बढ़ती रही तो गांवों की तस्वीर बदलने में ज्यादा समय
नहीं लगेगा। कुंदनपुरा के युवाओं की यह पहल साबित करती है कि यदि समाज का युवा वर्ग
ठान ले, तो बदलाव की शुरुआत कहीं से भी हो सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर