लंबित फसल बीमा आवेदनों पर किसानों को अंतिम मौका, सात दिन में जमा कराने होंगे दस्तावेज
नूंह, 31 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी 2023-24 के लंबित फसल बीमा आवेदनों को लेकर जिला प्रशासन ने संबंधित किसानों को अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया है। उपायुक्त अखिल पिलानी के निर्देश पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए सात दिन का समय दिया है। निर्धारित अवधि में दस्तावेज जमा नहीं कराने वाले किसानों के दावों पर आगे विचार नहीं किया जाएगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रबी 2023-24 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत हरियाणा के तीसरे समूह में शामिल नूंह जिले के 99 गांवों में गेहूं की फसल के 607 किसानों के कुल 47,444 बीमा आवेदन तत्कालीन बीमा कंपनी क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के पास लंबित थे। इनमें अधिकांश आवेदन केंद्रीय सहकारी बैंक की कलवाड़ी, पुन्हाना और पिनगवां शाखाओं के अलावा 13 सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से दर्ज करवाए गए थे।
इन आवेदनों की जांच में नामांकन के दौरान धोखाधड़ी, गलत दस्तावेजों के इस्तेमाल, निर्धारित नियमों की अनदेखी और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के वर्ष 2023 के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की आशंकाएं सामने आई थीं। इसके बाद कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पंचकूला स्थित निदेशालय के निर्देश पर उप-कृषि निदेशक नूंह की ओर से संबंधित बैंकों और सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से दर्ज आवेदनों की जांच करवाई गई।
जून-जुलाई 2026 में हुई जांच के दौरान केंद्रीय सहकारी बैंक कलवाड़ी के दो किसानों के सभी 57 आवेदन वैध पाए गए। वहीं, केंद्रीय सहकारी बैंक पिनगवां के 535 किसानों के 42,307 आवेदनों में से केवल 51 आवेदन ही वैध मिले। इसके अतिरिक्त केंद्रीय सहकारी बैंक पुन्हाना के 37 किसानों के 1,146 आवेदन और 13 सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से दर्ज 3,934 आवेदन जांच में अवैध पाए गए। विभाग की ओर से जांच की विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जा चुकी है।
केंद्रीय सहकारी बैंक पिनगवां और पुन्हाना तथा 13 सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से रबी 2023-24 में फसल बीमा करवाने वाले संबंधित ऋणी किसानों को संबंधित बैंक शाखा से उस अवधि में ऋणी होने का प्रमाण पत्र सत्यापित करवाकर जमा कराना होगा। इसके अलावा बीमा आवेदन में दर्ज किला नंबरों की भू-स्वामित्व संबंधी प्रमाणित फर्द या जमाबंदी, राजस्व विभाग की गिरदावरी अथवा बैंक रिकॉर्ड में दर्ज किला नंबरों पर बीमित फसल की बुवाई का प्रमाण, आधार कार्ड की सत्यापित प्रति और बीमा आवेदन में दर्ज बैंक खाते के विवरण की सत्यापित प्रति देनी होगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया