बजट में आत्मनिर्भर और विकसित हरियाणा के संकल्प को दी नई गति : महिपाल ढांडा

 


जींद, 03 मार्च (हि.स.)। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रस्तुत किया गया बजट केवल आय-व्यय का ब्यौरा नही बल्कि विकसित हरियाणा के निर्माण का सशक्त रोडमैप है। यह बजट वर्ष 2047 तक हरियाणा को विकसित राज्य बनाने की व्यापक परिकल्पना पर आधारित है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह बजट एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा मंगलवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आत्मनिर्भर भारत के आह्वान के अनुरूप हरियाणा सरकार ने भी प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बजट में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया गया है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक वर्ग, किसान, युवा, महिला, श्रमिक और उद्यमी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के सहयोग से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया गया है, उसमें हरियाणा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट को जनकल्याण और समग्र विकास पर केंद्रित किया है। यह बजट न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है बल्कि भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं को भी समाहित करता है। विकसित भारत और विकसित हरियाणा की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट में तकनीक और विज्ञान की प्रगति का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में सोलर ऊर्जा आधारित परिसरों के निर्माण की दिशा में कार्य किया जाएगा ताकि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिले और सरकारी खर्च में भी कमी आए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार केंद्र सरकार ने निवेशकों के लिए प्रभावी नीतियां बनाई हैं, उसी तर्ज पर हरियाणा सरकार भी प्रदेश में उद्योगों को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई योजना लेकर आ रही है। यह प्रस्ताव सरकार के 12 प्रमुख बिंदुओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक आदर्श परीक्षा केंद्र स्थापित किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा