कैथल: चेक बाउंस मामले में दोषी को दो साल की जेल, 17.66 लाख रुपये मुआवजा भी देना होगा
कैथल, 29 अक्टूबर (हि.स.)। चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी हरजिंद्र सिंह को दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी संदीप कौर की अदालत ने दोषी को शिकायतकर्ता फाइनेंस कंपनी के पक्ष में 17 लाख 66 हजार 833 रुपये मुआवजा जमा कराने के आदेश भी दिए हैं। अदालत ने इसके लिए एक महीने की समयसीमा निर्धारित की है। तय अवधि में मुआवजा जमा नहीं कराने पर दोषी को दो साल की कैद के अतिरिक्त दो महीने का साधारण कारावास भी भुगतना होगा।
शिकायतकर्ता फाइनेंस कंपनी की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट मनोज चौहान ने बताया कि यह मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत दायर शिकायत से संबंधित है। मामले में शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप था कि चेक जारी किए जाने के बावजूद बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया। कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद भी भुगतान नहीं होने पर कंपनी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
सजा के निर्धारण के दौरान दोषी ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की। उसने खुद को परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य बताते हुए मानवीय आधार पर राहत देने की मांग की। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता कंपनी की तरफ से एडवोकेट मनोज चौहान ने इस मांग का विरोध किया। उन्होंने अदालत के समक्ष दलील दी कि चेक जारी करने के बावजूद जानबूझकर भुगतान नहीं किया गया और नोटिस मिलने के बाद भी बकाया राशि अदा नहीं की गई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हरजिंदर सिंह को दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई और फाइनेंस कंपनी को 17 लाख 66 हजार 833 रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में मुआवजा जमा नहीं कराने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे