चंडीगढ़: हरियाणा में निजी बैंकों में फर्जीवाडे़ पर पुलिस की कार्रवाई
-आईडीएफसी, एयू स्मॉल, कोटक महिंद्रा के आगे तैनात रहा पुलिस बल
चंडीगढ़, 30 मार्च (हि.स.)। हरियाणा सरकार के फंड के साथ करोड़ों का फर्जीवाड़ा करने के आरोपों के बाद जांच का सामना कर रहे बैंकों के खिलाफ सोमवार को हरियाणा पुलिस एक साथ कार्रवाई की।
विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में करोड़ों रुपये के घोटाले उजागर होने के बाद कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है और संबंधित शाखाओं में पुलिस कार्रवाई तेज कर दी गई है।
सोमवार को प्रदेश में तीनों बैंकों की सैकड़ों शाखाओं को बंद करके पुलिस, एसीबी की टीमों ने जांच की।
सरकार ने कई बैंकों को ब्लैकलिस्ट (डी-एम्पैनल) कर दिया है और उनके जरिए सरकारी लेनदेन पर रोक लगा दी है। अलग अलग विभागों में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा भी सभी जिलों से बैंक खातों के ब्योरा मांगा जा चुका है।
कोटक महिंद्रा बैंक में पंचकूला नगर निगम के फिक्स्ड डिपॉजिट में भारी गड़बड़ी सामने आई है। यहां 150 करोड़ से अधिक का फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक रिकॉर्ड और निगम के रिकॉर्ड में बड़ा अंतर पाया गया है। आईडीएफसी बैंक में 590 करोड़ का घोटाला सामने आ चुका है।
इस पूरे मामले में फर्जी डेबिट नोट और दस्तावेज इस्तेमाल हुए है। शेल कंपनियों के जरिए पैसा ट्रांसफर किया गया। कई सरकारी अधिकारी और बैंक कर्मचारी जांच के दायरे में हैं।
कई संदिग्ध बैंक खातों पर डेबिट फ्रीज लगाया गया है। 100 से ज्यादा खातों की जांच की गई है।
इस जांच के चलते आज प्रदेश भर में तीनों बैंको को कुछ समय के लिए बंद करके दस्तावेज कब्जे में लिए गए। बताया जा रहा है कि बैंकों के अधिकारी एसीबी को जांच में सहयोग नही कर रहे थे जिसके चलते प्रदेश के पंचकूला, कैथल, रोहतक, जींद, झज्जर आदि जिलों में सुबह बैंक खुलने से पहले ही पुलिस पहुंची। कुछ समय के लिए ग्राहकों का प्रवेश नही हुआ। करीब 2 घंटे बाद स्तिथि सामान्य हो गई।
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि जांच हो चुकी है। बैंक में कहीं भी आम लोगों को परेशानी नही हुई और सामान्य की भांति काम हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा