चंडीगढ़: हरियाणा में पहली अप्रैल से लागू होंगे नए कलेक्टर रेट

 

-रजिस्ट्रेशन सिस्टम में होगा बदलाव

-31 मार्च तक आपत्तियां निपटाने के निर्देष

चंडीगढ़, 28 मार्च (हि.स.)। प्रदेश में वित्त वर्ष 2026-27 में पहली अप्रैल से रजिस्ट्रेशन सिस्टम बदल जाएगा। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होते ही पहली अप्रैल से नए कलेक्टर रेट लागू होंगे। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी की जाए। संपत्ति के हस्तांतरण (रजिस्ट्री) के लिए नए कलेक्टर रेट एक अप्रैल से प्रभावी होंगे और 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगे।

विभाग ने प्रस्तावित कलेक्टर रेट पर आम जनता से प्राप्त आपत्तियों और शिकायतों के निपटारे को लेकर सख्त रुख अपनाया है। निर्देश दिए गए हैं कि सभी आपत्तियों का समाधान 31 मार्च किया जाए। संशोधित दरों को लागू करने में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया है कि कलेक्टर रेट तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी, संतुलित और बाजार दरों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी जिलों में रेट निर्धारण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखा जाए।

क्या होते हैं कलेक्टर रेट

कलेक्टर रेट वह न्यूनतम मूल्य होता है, जिस पर किसी संपत्ति की रजिस्ट्री की जाती है। इन्हीं दरों के आधार पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क तय किया जाता है। सरकार हर वर्ष इन दरों की समीक्षा करती है, ताकि उन्हें बाजार मूल्य के अनुरूप अपडेट किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा