चंडीगढ़: भ्रष्टाचार पर वार के लिए लॉन्च की गई सतर्क-हरियाणा ऐप
-एक टच मेें एसीबी से जुड़ेंगे नागरिक
-जीरो टोलरेंस नीति पर अधिक सख्ती के लिए उठाया गया यह कदम
-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लांच की सतर्क हरियाणा ऐप
-एक टच पर हेल्पलाइन से संपर्क, नंबर याद रखने की जरूरत नहीं
चंडीगढ़, 24 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को और अधिक सख्त और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा सचिवालय से सतर्क-हरियाणा मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। इस ऐप के जरिए अब प्रदेश का कोई भी नागरिक अपने मोबाइल फोन से ही भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत या सूचना सीधे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) तक पहुंचा सकेगा। इस मौके पर एसवी एंड एसीबी प्रमुख डॉ. अरशिन्दर सिंह चावला भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐप से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया न केवल सरल, बल्कि अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है। ऐप में हेल्पलाइन से सीधे जुडऩे, वीडियो-ऑडियो-फोटो जैसे डिजिटल साक्ष्य अपलोड करने, संबंधित जिले के एसीबी अधिकारी की जानकारी व लोकेशन प्राप्त करने और दर्ज एफआईआर की कॉपी डाउनलोड करने जैसी कई सुविधाएं दी गई हैं। ऐप के होम पेज पर ही हेल्पलाइन का विकल्प दिया गया है, जिस पर एक टच करते ही कॉल सीधे एसीबी हेल्पलाइन पर कनेक्ट हो जाएगी। इससे नागरिक आपात स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकेंगे।
बिना कार्रवाई की मांग के भी दे सकेंगे सूचना, पहचान रहेगी गोपनीय
ऐप की सबसे अहम विशेषता यह है कि अगर किसी नागरिक के पास भ्रष्टाचार से संबंधित कोई वीडियो, ऑडियो या फोटो है, लेकिन वह तुरंत किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं करवाना चाहता, तब भी वह सूचना एसीबी तक पहुंचा सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सूचना को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। नागरिकों की सुविधा के लिए हरियाणा के सभी 23 जिलों को इस ऐप से जोड़ा गया है। मान लीजिए कोई व्यक्ति गुरुग्राम का रहने वाला है और वह हिसार या करनाल में है, तो उसे वहीं की ्रष्टक्च टीम की जानकारी चाहिए होगी। ऐप में जिले का चयन करते ही वहां के ्रष्टक्च इंचार्ज का नाम, मोबाइल नंबर और कार्यालय की गूगल लोकेशन व रास्ता मिल जाएगा। नागरिक फोन पर या सीधे कार्यालय जाकर शिकायत दे सकते हैं। इतना ही नहीं, यदि एसीबी के किसी अधिकारी या कर्मचारी के व्यवहार को लेकर कोई शिकायत है, तो ऐप में वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने का विकल्प भी है। संबंधित पुलिस अधीक्षक (स्क्क) का नाम, नंबर और लोकेशन भी ऐप पर उपलब्ध रहेगी।
एफआईआर की कॉपी भी कर सकेंगे डाउनलोड
नागरिक नियमानुसार उपलब्ध एफआईआर की कॉपी भी इसी ऐप से डाउनलोड कर सकेंगे। फिलहाल सतर्क-हरियाणा ऐप गूगल प्ले स्टोर पर सतर्क हरियाणा नाम से उपलब्ध है। सरकार जल्द ही इसे एप्पल प्ले स्टोर पर भी लॉन्च करेगी। स्टेट विजिलेंस एवं एसीबी प्रमुख डॉ. अरशिन्दर सिंह चावला ने लोगों से अपील की है कि ऐप का जिम्मेदारी से उपयोग करें। केवल सही, वास्तविक और तथ्य-आधारित सूचना ही अपलोड करें। बिना तथ्य के किसी अधिकारी को बदनाम करने के उद्देश्य से भ्रामक सूचना न डालें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत, भ्रामक या एआई के जरिए बनाई गई फर्जी सामग्री को असली बताकर अपलोड करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सतर्क हरियाणा ऐप से भ्रष्टाचार पर हाेगा प्रहार
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा