सीबीआई ने 657 करोड़ के घोटाले में दाखिल की दो चार्जशीट

 

चंडीगढ़, 12 जून (हि.स.)। सीबीआई ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के जरिए सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े बहुचर्चित मामलों में शुक्रवार को दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें एक मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े फंड के कथित दुरुपयोग का है, जबकि दूसरा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) से संबंधित है। दोनों मामलों में अब तक वित्तीय नुकसान का आंकड़ा 657 करोड़ तक पहुंच चुका है।

सीबीआई की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में 504 करोड़ तथा चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश से जुड़े मामले में 153 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। जांच अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाले समय में और आरोप पत्र दाखिल किए जा सकते हैं।

सीबीआई ने हरियाणा सरकार के फंड के कथित दुरुपयोग मामले में पंचकूला स्थित विशेष अदालत में दूसरी चार्जशीट दाखिल की है। इस बार आरोप पत्र में दो निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार दोनों उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें कथित अपराध से प्राप्त धन का लाभार्थी माना गया है। इससे पहले इसी प्रकरण में सीबीआई 15 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। उन आरोपियों में तीन सरकारी कर्मचारी, छह बैंक अधिकारी, दो कंपनियां और चार निजी व्यक्ति शामिल थे। नई चार्जशीट के साथ इस मामले में जांच का दायरा और विस्तृत होता दिख रहा है।

शुक्रवार को सीबीआई ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में सीबीआई ने पहली बार आरोप पत्र दाखिल किया है। यह चार्जशीट चंडीगढ़ स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश की गई। इस मामले में कुल सात आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपियों की भूमिका वित्तीय लेन-देन और धन के कथित अनियमित उपयोग से जुड़ी पाई गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा