भिवानी की अध्यापिका मनीषा की मौत पर सीबीआई कोर्ट में जिरह पूरी

 

अब 28 अक्टूबर को सीबीआई कोर्ट सुनाएगी फैसला

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के भिवानी में शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में बहुत जल्द फैसला आ सकता है। गुरुवार को पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में सीबीआई की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ मनीषा के पिता द्वारा दायर 'विरोध याचिका' पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।

हरियाणा के भिवानी में अध्यापिका मनीषा 11 अगस्त 2025 को संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लापता हो गई थी। 13 अगस्त 2025 दो दिन बाद मनीषा का शव खेतों में बरामद हुआ था। परिजनों ने शुरू से ही मनीषा की हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। घटना को लेकर पूरे प्रदेश में भारी विरोध-प्रदर्शन और जन-आक्रोश देखने को मिला था, जिसके बाद दबाव में राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी थी।

सीबीआई ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 12 अगस्त 2026 को अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने मनीषा की मौत को हत्या के बजाय 'आत्महत्या' (सुसाइड) करार दिया था। मृतका के पिता संजय कुमार सीबीआई के इन निष्कर्षों से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने तुरंत कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पिता ने विरोध याचिका के जरिए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी और आरोप लगाया कि जांच में कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है। परिवार की मांग है कि मामले की दोबारा गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

मनीषा का पिता संजय ने आरोप लगाया कि जिस कॉलेज का जिक्र आ रहा है, उसकी संपूर्ण फुटेज पुलिस या सीबीआई ने नहीं जुटाई, जिससे ट्रैकिंग हो सकती थी। एम्स की पीएमआर में गर्दन पर मौत से पहले शॉर्प इंजरी बताई गई, उस एंगल से केस सही तरीके से एग्जामिन नहीं किया गया। रिपोर्ट में चेहरे पर इंडस्ट्री केमिकल की बात आई, उसे छिपाया गया। जिन चार लोगों से पूछताछ होनी चाहिए थी, उनसे पूछताछ नहीं की गई। स्टेट व सीबीआई ने उस पर कोई जानकारी नहीं इकट्ठी की गई।

अब सभी की नजरें 28 अक्टूबर को आने वाले पंचकूला विशेष सीबीआई अदालत के फैसले पर टिकी हैं। अदालत यह तय करेगी कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर केस बंद किया जाए या फिर परिजनों की मांग पर मामले में दोबारा री-इ इन्वेस्टिगेशन (पुनर्जांच) के आदेश दिए जाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा