पंचकूला निगम घोटाले में आईएएस आर के सिंह गिरफ्तार
बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई ने की कार्रवाई
चंडीगढ़, 18 जून (हि.स.)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंचकूला नगर निगम (एमसी) के तत्कालीन आयुक्त राम कुमार सिंह, आईएएस को सरकारी धन के गबन के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह गबन एमसी पंचकूला के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा में खोले गए खाते से किया गया था।
जांच में पता चला है कि उक्त खाता वित्त विभाग, हरियाणा सरकार के नियमों का उल्लंघन करते हुए खोला गया था। खाता खोलने वाले फॉर्म में जानबूझकर गलत जानकारी डाली गई ताकि बाद में होने वाले फर्जी लेन-देन को छिपाया जा सके।
सीबीआई के अनुसार, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के आरोपी अधिकारियों से सांठ-गांठ करके राम कुमार सिंह ने मध्यस्थों के माध्यम से बैंक को कई हस्ताक्षरित चेक सौंपे, जिन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) खोलने के नाम पर दिया गया। लेकिन कोई एफडी कभी खोली ही नहीं गई और चेक से पैसे डेबिट करके उन्हें आरोपी बैंक अधिकारियों द्वारा नियंत्रित शेल कंपनियों में डायवर्ट कर दिया गया।
इस घोटाले में नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त और सीनियर अकाउंटेंट की सक्रिय भूमिका थी। सीनियर अकाउंटेंट को सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में राम कुमार सिंह, आईएएस की सक्रिय संलिप्तता साबित होने पर उन्हें आज गिरफ्तार किया गया। उनकी चंडीगढ़ और करनाल स्थित आवासों पर छापेमारी की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं।
यह घोटाला पंचकुला नगर निगम का है जिसमें करीब 79.46 करोड़ के सरकारी फंड का गबन हुआ। यह हरियाणा के आठ सरकारी विभागों के 504 करोड़ के बड़े घोटाले का हिस्सा है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की सेक्टर-32 शाखा में फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट के जरिए पैसे शेल कंपनियों में भेजे गए।
सीबीआई ने इस मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें 6 बैंक अधिकारी, 3 हरियाणा सरकार के लोक सेवक, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं। अन्य मामलों में भी कार्रवाई सीबीआई ने चंडीगढ़ संघ राज्य क्षेत्र से दो अन्य मामलों- चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल)/नगर निगम और क्रेस्ट चंडीगढ़ के मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है। इन दोनों मामलों में अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
सीएससीएल मामले में 5 बैंकर, 1 सीएससीएल अधिकारी और 1 निजी व्यक्ति पर चार्जशीट हुई है, जबकि क्रेस्ट मामले में 5 बैंकर, 2 क्रेस्ट अधिकारी, 4 निजी व्यक्ति और 2 कंपनियां आरोपी हैं। क्रेस्ट मामले में एक वरिष्ठ आईएफओएस अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा