(अपडेट) सीबीआई ने घाेटाले में पकड़े दाे पूर्व बैंक अधिकारी, तीन दिन की रिमांड पर भेजे गए

 


चंडीगढ़, 30 जून (हि.स.)। हरियाणा के 504 करोड़ रुपये के बहुचर्चित बैंक घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को दो बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों को देर शाम पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। जहां से अदालत ने उन्हें तीन दिन के रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया गया।

सीबीआई ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तत्कालीन एरिया हेड शमीम डार और मोहाली स्थित एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक चरणजीत सिंह रंधावा पर सरकारी विभागों के धन को फर्जी बैंकिंग लेनदेन के जरिये डायवर्ट करने में भूमिका निभाने के आरोप हैं। सीबीआई इस मामले में पहले ही हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल, आईएएस आरके सिंह, हरियाणा कैडर के आईएफएस अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव सहित कई सरकारी अधिकारियों, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ताजा कार्रवाई से साफ है कि एजेंसी अब उन बैंक अधिकारियों की भूमिका पर फोकस कर रही है, जिनके माध्यम से कथित तौर पर सरकारी धन को बैंकिंग प्रणाली से बाहर निकालकर दूसरे खातों और संस्थाओं तक पहुंचाया गया।

जांच के अनुसार चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा से हरियाणा सरकार के आठ विभागों की अतिरिक्त धनराशि को फर्जी अथवा अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट के जरिये निवेशित दिखाया गया। बाद में यही रकम विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से शेल कंपनियों तक पहुंचाई गई। सीबीआई का आरोप है कि गिरफ्तार दोनों बैंक अधिकारियों ने संदिग्ध खाते खुलवाने और वित्तीय लेनदेन को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाई।

एजेंसी अब तक 17 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोकसेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं। हालांकि सीबीआई का मानना है कि धन के प्रवाह, लाभार्थियों और साजिश की पूरी श्रृंखला की जांच अभी बाकी है। इसी वजह से जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

गिरफ्तारी की प्रक्रिया के बाद सीबीआई ने देरशाम पंचकूला कोर्ट में पेश करते हुए कहा कि इन अधिकारियों से पूछताछ के दौरान फर्जी दस्तावेजों, अवैध ट्रांजैक्शन और अन्य आरोपितों के साथ कथित मिलीभगत से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। दावा है कि हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के खातों से करोड़ों रुपये की अनियमित निकासी और ट्रांसफर सुनियोजित तरीके से किए गए थे। सीबीआई अब रिमांड के दौरान दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, ताकि पूरे नेटवर्क और घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके। इसी के आधार पर सीबीआई ने दोनो आरोपितों को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा