हिसार : रेबीज से बचाव के लिए विद्यार्थियों और पशुपालकों को किया जागरूक
कुत्ते के काटने या खरोंचने पर घाव को 15 मिनट तक साबुन-पानी से धोने और तुरंत
चिकित्सकीय सहायता लेने की दी जानकारी
हिसार, 27 सितंबर (हि.स.)। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय
के हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र, क्योड़क, कैथल की ओर से विश्व रेबीज दिवस के उपलक्ष्य
में रविवार काे राजकीय उच्च विद्यालय, तितरम तथा पशु विज्ञान केंद्र, तितरम में जागरूकता कार्यक्रम
आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों के साथ क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों
को भी रेबीज बीमारी, इसके संक्रमण और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम रविवार काे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन
में आयोजित किए गए। इन्हें डॉ. राजत गर्ग, निदेशक अनुसंधान, लुवास; डॉ. गौतम, निदेशक
विस्तार शिक्षा, लुवास तथा डॉ. वंदना भनोट, क्षेत्रीय निदेशक, हरियाणा पशु विज्ञान
केंद्र, क्योड़क का मार्गदर्शन एवं सहयोग मिला। कार्यक्रमों का समन्वय डॉ. सुजोय खन्ना
ने किया। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और पशुपालकों को रेबीज रोग, संक्रमण
के तरीके, बचाव, कुत्ते के काटने से बचने, पशुओं के साथ सुरक्षित एवं जिम्मेदार व्यवहार
तथा काटने या खरोंचने की स्थिति में उठाए जाने वाले तत्काल कदमों के बारे में जानकारी
दी गई।
विद्यार्थियों को विशेष रूप से बताया गया कि संभावित रेबीज संक्रमित कुत्ते
के काटने या खरोंचने की स्थिति में घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट
तक अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना देरी चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। पशुपालकों को
पशुओं के नियमित टीकाकरण, कुत्तों और अन्य पशुओं के साथ सुरक्षित व्यवहार तथा पशु के
काटने या खरोंचने पर तत्काल घाव की सफाई और चिकित्सकीय सहायता लेने के महत्व के बारे
में जागरूक किया गया।कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें
विद्यार्थियों और पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा रेबीज, पशु व्यवहार और पशु
स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर