हिसार : फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का खेल, छह पर केस दर्ज

 

सीएम फ्लाइंग की जांच में खुलासा, नए लाइसेंस बनाने से लेकर पुराने लाइसेंस

रिन्यू करवाने तक फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल

हिसार, 16 अगस्त (हि.स.)। हिसार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और पुराने लाइसेंस

रिन्यू करवाने के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सीएम फ्लाइंग की जांच के

बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने रविवार को फर्जी मेडिकल एवं प्राथमिक चिकित्सा प्रमाण

पत्रों के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और नवीनीकरण करवाने के आरोप में छह लोगों

के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार सीएम फ्लाइंग को सूचना मिली थी कि कुछ निजी टाइपिस्टों द्वारा

एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए

जा रहे हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर नए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के साथ पुराने लाइसेंसों

का नवीनीकरण करवाए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सीएम फ्लाइंग

हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान टीम ने एसडीएम कार्यालय हिसार से जारी नए और रिन्यू किए गए ड्राइविंग

लाइसेंसों से संबंधित रिकॉर्ड खंगाला। लाइसेंस आवेदनों के साथ लगाए गए मेडिकल सर्टिफिकेट

और प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों की भी जांच की गई। संबंधित संस्थानों

से दस्तावेजों का सत्यापन करवाने पर एक नए ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन के साथ लगाए

गए प्राथमिक चिकित्सा प्रमाण पत्र की रसीद और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र में अंतर पाया

गया।

तीन मेडिकल प्रमाण पत्रों का अस्पताल में रिकॉर्ड नहीं मिला

जांच में तीन ऐसे ड्राइविंग लाइसेंस भी सामने आए, जिन्हें एसडीएम कार्यालय

हिसार से रिन्यू करवाया गया था। इन लाइसेंसों के लिए लगाए गए मेडिकल प्रमाण पत्रों

का नागरिक अस्पताल हिसार से सत्यापन करवाया गया। जांच में अस्पताल के रिकॉर्ड में इन

तीनों मेडिकल प्रमाण पत्रों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद प्रमाण पत्रों की प्रामाणिकता

पर गंभीर सवाल खड़े हुए और सीएम फ्लाइंग ने पुलिस कार्रवाई की सिफारिश की।

सीएम फ्लाइंग की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ

फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उनका इस्तेमाल करने तथा उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर ड्राइविंग

लाइसेंस बनवाने और रिन्यू करवाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले

की तह तक पहुंचने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी मेडिकल और

अन्य प्रमाण पत्र कहां और किस स्तर पर तैयार किए गए, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और

इन दस्तावेजों के जरिए अब तक कितने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए या रिन्यू करवाए गए हैं।

जांच के दौरान मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर