कैथल: कनाडा भेजने के नाम पर 19 लाख रुपये की ठगी, अंबाला निवासी आरोपी गिरफ्तार

 


कैथल, 13 अक्टूबर (हि.स.)। कनाडा भेजने के नाम पर 19 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में कैथल पुलिस की एंटी इमिग्रेशन सेल ने अंबाला निवासी सतनाम सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर गांव कांगथली निवासी एक व्यक्ति को विदेश भेजने का झांसा देकर कथित तौर पर फर्जी वीजा, हवाई टिकट और अन्य दस्तावेज दिखाकर रकम हड़पने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।

पुलिस के अनुसार, गांव कांगथली निवासी कृष्ण कुमार विदेश जाना चाहता था। इस संबंध में उसने ऑनलाइन जानकारी जुटाई, जिसके बाद उसकी बातचीत लुधियाना निवासी विरेन्द्र सिंह से हुई। विरेन्द्र सिंह ने उसकी मुलाकात अंबाला निवासी सतनाम सिंह और मोहाली निवासी दलजीत सिंह से करवाई। तीनों ने उसे कनाडा भेजने का भरोसा दिलाते हुए 19 लाख रुपये की मांग की। शुरुआत में आरोपियों ने कहा कि दस्तावेज और वीजा तैयार होने के बाद ही उससे पैसे लिए जाएंगे। इस पर शिकायतकर्ता ने अपना पासपोर्ट उन्हें सौंप दिया। शिकायत के मुताबिक, जनवरी माह में आरोपियों ने कृष्ण कुमार को बताया कि उसके दस्तावेज तैयार हो गए हैं, वीजा लग चुका है और हवाई टिकट भी बुक करवा दी गई है। आरोपियों की बातों पर विश्वास करते हुए उसने सतनाम सिंह के बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से 16 लाख 50 हजार रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद सतनाम सिंह और दलजीत सिंह उसके घर पहुंचे और उसे कथित तौर पर वीजा, हवाई टिकट व अन्य दस्तावेज दिखाकर बाकी रकम भी ले ली। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को 24 फरवरी की फ्लाइट होने की जानकारी दी। निर्धारित तारीख पर कृष्ण कुमार अपने परिजनों के साथ एयरपोर्ट पहुंच गया, लेकिन आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास करने पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। बाद में उनके मोबाइल फोन भी बंद हो गए। ऐसे में शिकायतकर्ता को बिना विदेश गए वापस लौटना पड़ा।

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देशानुसार विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में एंटी इमिग्रेशन सेल प्रभारी पीएसआई अमन के नेतृत्व में एएसआई सुरेंद्र की टीम ने कार्रवाई करते हुए सतनाम सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले में उसकी भूमिका और धोखाधड़ी से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे