सोनीपत: नशा व जाम मुक्त शहर के लिए संयुक्त अभियान

 


सभी सामाजिक,

धार्मिक व व्यापारिक संगठनो के प्रतिनिधि बैठक में हुए शामिल

सोनीपत, 24 फ़रवरी (हि.स.)। उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा है कि शहर के युवाओं में

बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और यातायात जाम की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। इन दोनों चुनौतियों

से निपटने के लिए जिला प्रशासन सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों के सहयोग से

व्यापक अभियान चलाएगा।

मंगलवार को लघु सचिवालय में आयोजित बैठक में

उपायुक्त सुशील सारवान ने नशे की रोकथाम बारे सहायक पुलिस आयुक्त को

निर्देश दिए कि जिन स्थानों की जानकारी संगठनों ने दी है, वहां निरंतर पुलिस गश्त की

जाए। नशा बेचने या सेवन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिला

विद्यालयों और महाविद्यालयों के आसपास भी नियमित गश्त के निर्देश दिए गए, ताकि छात्राओं

की सुरक्षा बनी रहे।

यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम और पुलिस विभाग

को निर्देशित किया गया कि दुकानदार अतिक्रमण न करें और सामान बाहर न रखें। रेहड़ी संचालक

भी सड़क पर आगे तक कब्जा न करें। चौक-चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुदृढ़ की जाए तथा

अवैध रूप से खड़े वाहनों पर नियंत्रण रखा जाए। महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पोस्टर व

बैनर लगाने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में खिजर मकबरा की

पेयजल, प्रकाश, शौचालय और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उठाई गईं। उपायुक्त ने नगर निगम

को तत्काल व्यवस्था सुधारने और क्षतिग्रस्त दीवार का पुनर्निर्माण कराने के निर्देश

दिए। पुलिस को वहां नियमित गश्त बढ़ाने को कहा गया।

कुछ प्रतिनिधियों ने सोनीपत का प्राचीन नाम स्वर्णप्रस्थ पुनः

रखने की मांग रखी। उपायुक्त ने कहा कि यह मांग राज्य सरकार तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने

आश्वस्त किया कि सड़क मरम्मत, सफाई, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यकरण

को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में एसडीएम सोनीपत सुभाष चंद्र, एसीपी अमित धनखड़, जिला

शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, सामाजिक, धार्मिक व व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों

में सोनीपत समाज पंचायत से संजय सिंगला, प्रवीण वर्मा, मोहन सिंह मनोचा आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना