हिसार में पांच दिन बाद खुली रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल, डिपो से बसों का संचालन शुरू
अधिकारियों ने दिया मांगें मानने का लिखित आश्वासन, सांझा संघर्ष समिति ने
खत्म किया आंदोलन
रात्रि भत्ता, एलटीसी, मेडिकल व एसीपी की बकाया राशि देने का भरोसा
बस सेवाएं सुचारू होने से यात्रियों ने ली राहत की सांस
हिसार, 04 नवंबर (हि.स.)। हिसार रोडवेज डिपो में पिछले पांच दिनों से जारी
कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई। डिपो अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों
की लंबित मांगों को मानने और उनके समाधान का लिखित आश्वासन देने के बाद सांझा संघर्ष
समिति ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। हड़ताल खुलते ही डिपो से बसों का संचालन सुचारू
होने लगा। बस सेवाएं बहाल होने से यात्रियों ने भी राहत की सांस ली। हड़ताल खुलने के
साथ ही हिसार डिपो व हांसी सब डिपो की 250 से अधिक बसों का संचालन शुरू हो गया।
कर्मचारियों की मांगों को लेकर बुधवार को डिपो प्रशासन और सांझा संघर्ष समिति
के पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई। इसमें महाप्रबंधक राहुल मित्तल, यातायात प्रबंधक
प्रीतम सिवाच, एसपीओ राजबीर सिंह और सुप्रिटेंडेंट ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया
कि रात्रि भत्ता, एलटीसी, मेडिकल और एसीपी की बकाया राशि कर्मचारियों के खातों में
जमा करवाई जाएगी। इसके अलावा डिपो स्तर पर लंबित अन्य समस्याओं और मामलों का भी जल्द
निपटारा किया जाएगा। अधिकारियों की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद समिति ने हड़ताल
समाप्त कर दी।
सांझा संघर्ष समिति के प्रेस प्रवक्ता संदीप जैनावास ने बताया कि कर्मचारियों
की एकजुटता और लगातार पांच दिन तक चले आंदोलन के चलते प्रशासन को मांगों पर सकारात्मक
फैसला लेना पड़ा। समिति प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के अनुसार मांगों के समाधान
पर नजर रखेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर समिति आगे
भी संघर्ष करती रहेगी।
इस दौरान आंदोलन को समर्थन देने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारी नेता एमएल सहगल,
राजपाल नैन, बलबीर देसवाल, सुरेंद्र मान और सुभाष ढिल्लो भी पहुंचे। इससे पहले भीम
आर्मी नेता संतलाल अंबेडकर व अन्य पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और रोडवेज कर्मचारियों
के आंदोलन का समर्थन किया।
इससे पहले धरने के दौरान समिति प्रधान राजेश जांगड़ा, पवन कनोह, जितेंद्र शर्मा,
जोगेंद्र पंघाल, नरेंद्र खरड़, अरुण शर्मा, बजरंग लाखा, कर्मबीर मसूदपुर, अमित जुगलान,
अजय दुहन और वीरेंद्र के अलावा राज्य उप प्रधान राजकुमार चौहान, डिपो वरिष्ठ उप प्रधान
दयानंद सरसाना सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
हड़ताल के दौरान चर्चा में रहा दो पदाधिकारियों का हाजिरी लगाना
हिसार डिपो से जुड़ी यूनियनों के नेतृत्व में जहां कर्मचारियों के सभी वर्ग
हड़ताल पर रहे वहीं इनमें दो प्रमुख पदाधिकारियों द्वारा हड़ताल में शामिल होने का
दावा करने, लंबे चौड़े भाषण देने व उसके बाद हाजिरी लगाना डिपो में चर्चा का विषय बना
रहा। कर्मचारियों में चर्चा है कि आखिर इन दोनों की ऐसी क्या मजबूरी रही कि उन्हें
हाजिरी लगाकर प्रशासन का व भाषण देकर अपने को कर्मचारियों का हितैषी बताना पड़ा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर