यमुनानगर: बजट में रोजगार-शिक्षा और स्वास्थ्य पर स्पष्ट रोडमैप का अभाव : अर्जुन सुढ़ैल
यमुनानगर, 02 मार्च (हि.स.)। वर्ष 2026-27 के हरियाणा बजट को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना तेज हो गई है। इंडियन नेशनल लोक दल ने बजट को जनहित से दूर बताते हुए कहा कि यह विकास का ठोस खाका पेश करने के बजाय प्रचारात्मक प्रस्तुति अधिक प्रतीत होता है। पार्टी ने लगाया कि विभागीय बजट में प्रतिशत वृद्धि दिखाकर सरकार उपलब्धियों का दावा कर रही है, जबकि जमीन पर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्र गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं।
प्रदेश प्रवक्ता अर्जुन सुढ़ैल ने साेमवार काे कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, लेकिन उन्हें भरने के लिए अलग से कोई स्पष्ट वित्तीय प्रावधान या भर्ती योजना सामने नहीं आई। महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में बजट वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कुपोषण, महिला सुरक्षा और आंगनवाड़ी कर्मियों की समस्याएं अभी भी जस की तस बनी हुई हैं। आवास योजनाओं में बढ़ोतरी के दावों पर सवाल उठाते हुए सुढ़ैल ने कहा कि हजारों जरूरतमंद परिवार अब भी पक्के मकान के इंतजार में हैं। उन्होंने सरकार से लाभार्थियों और पूर्ण परियोजनाओं की जिला-वार सूची सार्वजनिक करने की मांग की। उद्योग एवं वाणिज्य क्षेत्र के बजट विस्तार पर भी उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि रोजगार सृजन के लिए नए औद्योगिक क्लस्टर, निवेश आकर्षण नीति और एमएसएमई को मजबूत करने का स्पष्ट खाका दिखाई नहीं देता। उनके अनुसार केवल घोषणाओं से रोजगार नहीं बनते, इसके लिए धरातल पर उद्योग स्थापित करने होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी, दवाओं की उपलब्धता और ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे की स्थिति में सुधार के लिए ठोस भर्ती और विस्तार योजना जरूरी है। शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली होने और स्कूलों के विलय से छात्रों को कठिनाई होने का मुद्दा उठाया गया। उन्होंने नशे और बढ़ते अपराध को प्रदेश के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि युवाओं के पुनर्वास, खेल और कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए अलग बजटीय प्रावधान होना चाहिए था।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार