हिसार : रिश्वत मामले में पूर्व जिला ड्रग कंट्रोलर के खिलाफ शिकायतकर्ता की गवाही पूरी
दवाई की थोक दुकान का लाइसेंस देने के बदले मांगी थी रिश्वत
वर्ष 2021 में विजिलेंस ने चपरासी व ड्राइवर को किया था गिरफ्तार
हिसार, 12 सितंबर (हि.स.)। दवाई की थोक दुकान का लाइसेंस देने के बदले रिश्वत
मांगने के आरोप में तत्कालीन जिला ड्रग कंट्रोलर सुरेश चौधरी के खिलाफ चल रहे विजिलेंस
मामले में शिकायतकर्ता रामविलास की अदालत में गवाही पूरी हो गई। रामायण गांव निवासी
रामविलास ने बताया कि 6 अगस्त 2021 को तत्कालीन जिला ड्रग कंट्रोलर सुरेश चौधरी ने
होलसेल दवा दुकान का लाइसेंस जारी करने के बदले उनसे रिश्वत की मांग की थी। इसकी शिकायत
उन्होंने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो, जो अब एंटी करप्शन ब्यूरो है, को दी थी।
शिकायत के बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए आधार अस्पताल के बाहर डीसीओ
के कार्यालय चपरासी और ड्राइवर को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया
था। रामविलास के अनुसार उस समय सुरेश चौधरी आधार अस्पताल में छिपे हुए थे।
अदालत में शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता महेंद्र नैन, लाल बहादुर खोवाल और
सुधीर भाटिया तथा बचाव पक्ष की ओर से जेएस मल्ही व पम्मी पेश हुए। जज मंगलेश चौबे की
अदालत में रामविलास की गवाही दर्ज की गई।
रामविलास ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और उम्मीद है
कि मामले में आरोपी अधिकारी को कानून के अनुसार सख्त सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे
उन दवा विक्रेताओं में भी राहत और न्याय की उम्मीद जगेगी, जिन्होंने अधिकारी पर उत्पीड़न
के आरोप लगाए थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर