पलवल में 50 हजार की रिश्वत मामले में नगर परिषद का बिल्डिंग इंस्पेक्टर गिरफ्तार

 

पलवल, 06 अक्टूबर (हि.स.)। मकान गिराने की कार्रवाई से बचाने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले नगर परिषद पलवल में तैनात बिल्डिंग इंस्पेक्टर चिम्मन लाल तेवतिया को स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की पलवल इकाई ने मंगलवार काे 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपित ने शिकायतकर्ता से पांच अक्टूबर को 25 हजार रुपये पहले ही ले लिए थे और शेष 25 हजार रुपये की मांग कर रहा था।

एंटी करप्शन ब्यूरो ने बताया कि एक व्यक्ति ने शिकायत देकर आरोप लगाया था कि नगर परिषद में तैनात बिल्डिंग इंस्पेक्टर उसके मकान को गिराने की कार्रवाई नहीं करने के बदले उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने मामले की जांच की और रिश्वत की दूसरी किश्त के रूप में 25 हजार रुपये देने का जाल बिछाया। छह अक्टूबर को इंस्पेक्टर राजकुमार के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने नियोजित तरीके से कार्रवाई की।

जैसे ही आरोपित चिम्मन लाल तेवतिया ने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पशुपालन विभाग के डॉ. महेंद्र सिंह को राजपत्रित अधिकारी एवं स्वतंत्र गवाह के रूप में शामिल किया गया। विजिलेंस टीम ने मौके पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए रिश्वत की राशि बरामद की। आरोपित बिल्डिंग इंस्पेक्टर के खिलाफ थाना फरीदाबाद में मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और रिश्वत लेने के संबंध में अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। विजिलेंस विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो की हेल्पलाइन 1064 पर दी जाए। इसके अलावा ‘सतर्क-हरियाणा’ ऐप के माध्यम से भी शिकायत के साथ फोटो या वीडियो उपलब्ध कराया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग