भारतीय लोकतंत्र पर हुए सबसे बड़े प्रहार की स्मृति का दिन है 25 जून: गजेंद्र सिंह शेखावत
-केंद्रीय मंत्री,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष,राष्ट्रीय सचिव ने 100 से अधिक लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया
चंडीगढ़, 25 जून (हि.स.)। आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर गुरुवार को रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में भाजपा ने ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में कार्यक्रम आयोजित कर आपातकाल को लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जनता मालिक है, सत्ता उसकी सेवा का माध्यम है, यह भाव ही मोदी सरकार की कार्यसंस्कृति का मूल है। प्रधानमंत्री मोदी के लिए लोकतंत्र राष्ट्र जीवन की आत्मा है। संविधान हत्या दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना होगा।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि 25 जून केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र पर हुए सबसे बड़े प्रहार की स्मृति का दिन है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, संघर्ष और त्याग से प्राप्त लोकतंत्र को 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर कुचलने का प्रयास किया था।
शेखावत ने कहा कि हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, यातनाएं सही और काल कोठरियों में जीवन बिताया। ऐसे बलिदानों से प्राप्त लोकतंत्र की आत्मा को इंदिरा गांधी ने आपातकाल के दौरान घायल किया और कुचला गया। उस समय मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस की स्वतंत्रता समाप्त कर दी गई और विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 25 जून 1975 स्वतंत्र भारत के इतिहास का वह काला अध्याय है, जब लोकतंत्र और संविधान पर सबसे बड़ा हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने भारी यातनाएं सहन की, लेकिन लोकतत्र की लौ को बुझने नहीं दिया। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही देश में लोकतंत्र सुरक्षित रह सका। उन्होंने कहा कि आज का यह कार्यक्रम लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में आयोजित किया गया है। इस मौके पर उन्होंने डा. मंगल सेन को भी नमन किया।
संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि समाज के लिए उस कठिन और बुरे दौर को याद रखना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली मानसिकता को पहचानना और उससे सावधान रहना भी समाज की जिम्मेदारी है। इस मौके पर मंत्री विधानसभा के उपाध्यक्ष कृष्ण मिड्डा, डा. अरविंद शर्मा, मंत्री कृष्ण पंवार, सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह, कार्यक्रम के संयोजक एवं राज्यसभा सांसद संजय भाटिया, समेत गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा