जींद : भाजपा इमरजेंसी पीडि़त परिवारों को सम्मानित करेगी : देवेंद्र अत्री

 


जींद, 24 जून (हि.स.)। उचाना के विधायक देवेंद्र अत्री ने कहा कि 25 जून 1975 का दिन इतिहास में काला दिन के तौर पर दर्ज है। उस समय की प्रधानमंत्री रही इंदिरा गांधी ने देश पर जो इमरजेंसी थौंपी गई, जिसमें लाखों लोगों को रातोंरात जेल में डाला गया, यातनाएं दी गई। अटल बिहारी वाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी और सभी विपक्ष के नेताओं को रातोंरात जेल में डाला गया। इस दौरान लाखों लोग जेल में यातनाओं से मर भी गए। उन लोगों के परिवारों को सम्मानित करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 25 जून को रोहतक में आ रहे हैं।

उचाना के विधायक देवेंद्र अत्री बुधवार को जींद में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के दौरान अनगिनत लोगों को जेल में बंद कर दिया गया। संविधान के चौथे स्तंभ प्रेस को भी बंद कर दिया गया। रातोंरात प्रेस के कनेक्शन काट दिए गए। कांग्रेस की तत्कालीन प्रधानमंत्री कार्यालय से जो भी लिखा आता था, बस वही छापना था। प्रेस को कुचला गया। अब इमरजेंसी पीडित परिवारों को सम्मानित करने के लिए तीन कार्यक्रम पंचकूला, रोहतक, फरीदाबाद में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मृतक लोगों के परिवारों को बुला कर तथा जो शहीद नही हुए और जो जिंदा हैं सभी को बुला कर उनको सम्मानित किया जाएगा। विधायक ने कहा कि हर व्यक्ति को इस बारे में पता लगना चाहिए कांग्रेस का नेचर क्या है। उस समय मौलिक अधिकारों को खत्म किया गया, उनका हनन किया गया। भाजपा सरकार ने ऐसे परिवारों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इन परिवारों के लिए पेंशन शुरू की और कई तरह की सुविधा देने का काम किया ताकि इन लोगों का जीवन सही तरह चल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा