खनन रोकने का पोर्टल ही बना कथित फर्जीवाड़े का जरिया : सुरजेवाला
सुरजेवाला ने की जांच की मांग :ई-रवाना में 1.71 लाख टन बिक्री, वैध खरीद सिर्फ 29,252 टनचंडीगढ़, 14 सितंबर (हि.स.)। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद रणदीप सुरजेवाला ने प्रदेश में कथित अवैध खनन और ई-रवाना रिकार्ड की विसंगतियों को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन पर निगरानी के लिए बनाया गया हरियाणा माइन्स एंड जियोलॉजी इनफॉरमेशन सिस्टम ही कथित तौर पर फर्जी खरीद-बिक्री का जरिया बन गया है। उन्होंने पूरे मामले को महज खनन का मामला न बताते हुए सफेदपोश मिलीभगत की जांच की मांग की।सुरजेवाला ने यमुनानगर के बेलगढ़ स्थित पंवार स्क्रीनिंग प्लांट से जुड़े कथित ई-रवाना फर्जीवाड़े का हवाला देते हुए कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2023 से अब तक प्लांट की वैध खरीद केवल 29,252 मीट्रिक टन दर्ज है, जबकि ई-रवाना पोर्टल पर करीब 1,71,420 मीट्रिक टन सामग्री की बिक्री दिखाई गई। यानी खरीद के रिकॉर्ड से 1,41,702 मीट्रिक टन अधिक सामग्री की बिक्री दर्ज हुई। उन्होंने सवाल किया कि जब प्लांट के पास वैध खरीद का रिकॉर्ड महज 29,252 मीट्रिक टन है तो फिर 1.71 लाख मीट्रिक टन की बिक्री के ई-रवाना कैसे जारी हुए? उन्होंने कहा कि शिकायत में अतिरिक्त सामग्री की बिक्री के खरीदारों की जानकारी स्पष्ट नहीं होने का सवाल भी उठाया गया है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी राजस्व और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।सुरजेवाला ने दावा किया कि पोर्टल पर वर्तमान में भी 32,880.41 मीट्रिक टन अतिरिक्त संदिग्ध स्टॉक दिखाई दे रहा है। उन्होंने पूछा कि जिस पोर्टल को खनिज के एक-एक टन की आवाजाही का हिसाब रखने के लिए बनाया गया था, उसमें इतनी बड़ी विसंगति कैसे पैदा हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।सुरजेवाला ने मांग की कि सरकार को बताना चाहिए कि 1.41 लाख मीट्रिक टन से अधिक सामग्री का हिसाब कहां है और सरकारी खजाने को हुए संभावित नुकसान की भरपाई कौन करेगा। उन्होंने स्वतंत्र जांच, ई-रवाना रिकॉर्ड के ऑडिट, संबंधित प्लांटों के स्टॉक के भौतिक सत्यापन और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा