हिसार के डॉ. एलआर बिश्नोई सुप्रीम कोर्ट की उच्चस्तरीय कमेटी के सदस्य बने
हिसार, 21 अगस्त (हि.स.)। हिसार निवासी एवं मेघालय के सेवानिवृत पुलिस महानिदेशक
डॉ. एलआर बिश्नोई को सर्वोच्च न्यायालय की ओर से छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा एवं
पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय कमेटी का सदस्य बनाया गया
है। बिश्नोई के इस महत्वपूर्ण दायित्व से हिसार का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा
में आया है।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी की अध्यक्षता
सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी करेंगे। कमेटी
में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि शंकर झा,
दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति शालिंदर कौर, केंद्रीय जांच ब्यूरो
(सीबीआई) के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला व मेघालय के सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक
डॉ. एलआर बिश्नोई को सदस्य बनाया गया है।
यह उच्चस्तरीय कमेटी छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, पुलिस कार्रवाई तथा
उससे जुड़े आरोपों की जांच करेगी। कमेटी घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर अपनी
रिपोर्ट माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी। डॉ. एलआर बिश्नोई पुलिस प्रशासन में लंबे अनुभव वाले अधिकारी रहे हैं। मेघालय
के पुलिस महानिदेशक के रूप में सेवाएं देने के अलावा उन्हें कानून-व्यवस्था और पुलिस
प्रशासन से जुड़े मामलों का व्यापक अनुभव रहा है। ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा
गठित इस महत्वपूर्ण कमेटी में उनका शामिल होना उनके प्रशासनिक एवं पुलिस अनुभव की महत्वपूर्ण
पहचान माना जा रहा है।
हिसार से संबंध रखने वाले डॉ. एलआर बिश्नोई के इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में
शामिल होने से शहर में भी चर्चा है। सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में गठित कमेटी द्वारा
की जाने वाली जांच से छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस कार्रवाई से जुड़े
आरोपों की निष्पक्ष तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर