हिसार : गुजवि में बीटेक के पहले दो सेमेस्टर में एनईपी-2020 आधारित पाठ्यक्रम होगा लागू
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई की अध्यक्षता में हुई 66वीं बैठक
पीएचडी, यूजी-पीजी
और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को भी मिली मंजूरी
हिसार, 10 अगस्त (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
की शैक्षणिक परिषद की 66वीं बैठक सोमवार को कुलपति कार्यालय के कमेटी हॉल में हुई।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय की
शैक्षणिक व्यवस्था को और मजबूत करने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों
में बदलाव सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों
माध्यमों से आयोजित हुई। संचालन कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने किया।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बैठक में नए सदस्यों का स्वागत किया तथा
विश्वविद्यालय की हालिया राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग से परिषद के सदस्यों
को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि गुजविप्रौवि लगातार शैक्षणिक एवं शोध के क्षेत्र में
अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय
स्तर पर भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रयास जारी हैं। बैठक में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित शैक्षणिक
सत्र 2026-27 के इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा
पीएचडी ऑर्डिनेंस और शैक्षणिक सत्र 2026-27 के पीएचडी प्रॉस्पेक्टस का भी अनुमोदन किया
गया।शैक्षणिक परिषद ने सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन की ओर से संचालित विभिन्न
यूजी, पीजी, डिप्लोमा एवं शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों को भी मंजूरी प्रदान की।
विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के यूटीडी तथा संबंधित महाविद्यालयों में संचालित
यूजी एवं पीजी पाठ्यक्रमों के अनुमोदन को भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में इंटीग्रेटेड बीए-एमए भगवद गीता पाठ्यक्रम शुरू करने से संबंधित प्रस्ताव
को कार्यकारी परिषद के समक्ष भेजने की मंजूरी दी गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा
नीति-2020 को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के विजन, मिशन एवं उद्देश्यों के अनुमोदन
का प्रस्ताव भी कार्यकारी परिषद को भेजने का निर्णय लिया गया। एनईपी-2020 के अनुरूप बीटेक के सभी विषयों के लिए ऑर्डिनेंस एवं स्कीम टेम्पलेट
को भी मंजूरी दी गई। महत्वपूर्ण निर्णय के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बीटेक के सभी
विषयों के प्रथम दो सेमेस्टर का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप लागू
करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के पूर्व कुलपति प्रो. जेपी यादव,
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के प्रो. कमल दत्त और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो.
नरेंद्र श्योराण ऑफलाइन माध्यम से शामिल हुए। केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा के सम-कुलपति
प्रो. पवन कुमार, चौधरी देवीलाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्रो.
जगदीश कुमार, महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रो. मनजीत बंसल,
सीएसआईआर-एनजीआरआई हैदराबाद के साइंटिस्ट-जी प्रो. देवेंद्र कुमार तथा नोएडा से प्रो.
सलीम सिद्दीकी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर