हिसार कांग्रेस में फिर मची सियासी हलचल, शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने दिया इस्तीफा
प्रदेश प्रभारी संजय दत्त को भेजा त्यागपत्र, निजी व्यस्तताओं को बताया कारण
दुष्यंत चौटाला से मुलाकात के बाद अटकलों का बाजार गर्म
हिसार, 10 अगस्त (हि.स.)। हिसार कांग्रेस में एक बार फिर संगठन को लेकर सियासी
हलचल तेज हो गई है। शहरी कांग्रेस जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने अपने पद से इस्तीफा
दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त को
भेजा है। गर्ग ने सोमवार को दिए इस्तीफे में निजी कारणों और सामाजिक कार्यों में अधिक
व्यस्तता का हवाला देते हुए कहा है कि वह पार्टी संगठन को अपेक्षित समय नहीं दे पा
रहे हैं और आगे भी सक्रिय रूप से पार्टी का काम करना संभव नहीं होगा।
हालांकि, गर्ग के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के अंदरूनी सियासी समीकरणों को लेकर
चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी से जुड़े सूत्र इस्तीफे के पीछे संगठन को लेकर नाराजगी
को भी एक वजह बता रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, शहरी जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने
के बाद से ही गर्ग संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे और कई बार
पद छोड़ने की इच्छा जता चुके थे। हालांकि, पार्टी नेताओं के आग्रह के चलते उनका इस्तीफा
पहले स्वीकार नहीं किया गया।
बजरंग दास गर्ग के इस्तीफे से ठीक एक दिन पहले उनकी पूर्व डिप्टी सीएम एवं
जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला से मुलाकात भी हुई थी। इस मुलाकात के अगले ही दिन इस्तीफा
सामने आने से हिसार के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है। हालांकि,
यह स्पष्ट नहीं है कि दुष्यंत चौटाला से हुई मुलाकात का गर्ग के इस्तीफे से कोई राजनीतिक
संबंध है या नहीं। बजरंग दास गर्ग की ओर से फिलहाल इस्तीफे और मुलाकात को लेकर कोई
सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष बोले-इस्तीफा मंजूर नहीं होना चाहिए
हिसार कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने कहा कि उन्हें
बजरंग दास गर्ग के इस्तीफे की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम
निर्णय पार्टी हाईकमान ही करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को गर्ग से
बातचीत करनी चाहिए और उनका इस्तीफा मंजूर नहीं करना चाहिए।
11 साल बाद बना था जिला स्तर पर संगठन
हरियाणा कांग्रेस में करीब 11 साल बाद जिला स्तर पर संगठन का गठन हुआ था। राहुल
गांधी के हस्तक्षेप के बाद अगस्त 2025 में कांग्रेस ने प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों की
सूची जारी की थी। इसी संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत बजरंग दास गर्ग को हिसार शहरी कांग्रेस
का जिलाध्यक्ष बनाया गया था। अब करीब एक साल बाद गर्ग के इस्तीफे ने हिसार कांग्रेस
की अंदरूनी सियासत को फिर सुर्खियों में ला दिया है। इस्तीफा स्वीकार होगा या पार्टी
नेतृत्व गर्ग को मनाकर पद पर बनाए रखने में कामयाब होगा, यह आने वाले दिनों में साफ
होगा। फिलहाल उनके इस्तीफे और दुष्यंत चौटाला से मुलाकात को लेकर की राजनीति में चर्चाओं
का दौर जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर