आयुर्वेद हमारी पारंपरिक धरोहर, इसे नवाचार से और समृद्ध करें : डीएम
सीवान, 23 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं विश्व आयुर्वेद परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय कार्यक्रम का बुधवार को धन्वंतरि सभागार में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान आयुर्वेद के महत्व, इसके संरक्षण और आधुनिक समय में इसके नवाचार को लेकर चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने कहा कि “आयुर्वेद हमारी पारंपरिक धरोहर है।
आरोग्य संरक्षण में इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कोरोना जैसी महामारी के दौरान भी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ने पीड़ित मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अब आवश्यकता है कि आयुर्वेद के पेशेवर नवाचार और समर्पित प्रयासों के माध्यम से इस चिकित्सा पद्धति की प्रतिष्ठा को और बढ़ाएं।” उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को बढ़ावा देने में सामूहिक और सहभागी प्रयासों का विशेष महत्व है।
भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग के निर्देशानुसार आयोजित त्रिदिवसीय कार्यक्रम के तहत क्विज, सेमिनार, जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक और आयुर्वेदिक आहार स्टॉल सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने औषधीय पौधे, अंगवस्त्र और औषधीय कलश भेंट कर किया।
स्वागत भाषण में उन्होंने कहा कि दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना 1971 में हुई थी। कॉलेज आयुर्वेद को बढ़ावा देने के साथ हमेशा जिला प्रशासन के साथ सहयोग करता रहा है। कोरोना महामारी के दौरान कॉलेज अस्पताल की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। पंचकर्म सहित आधुनिक नवाचारों को अपनाकर संस्थान लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेदिक आहार स्टॉल का निरीक्षण किया तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं और आयोजनों में शामिल प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर डीडीसी अमिताभ सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी बालेंदु नारायण पांडेय, पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रजापति त्रिपाठी, शासी निकाय के सचिव प्रोफेसर रामानंद पांडेय, आईक्यूएसी सदस्य गणेश दत्त पाठक, उप प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. राजा प्रसाद सहित कॉलेज के चिकित्सक, शिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma