हिसार : डॉ. वंदना को मिला प्रिंट गुरु अवार्ड, मुद्रण शिक्षा व शोध में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित
उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने में निभाई अहम भूमिका
ढाई दशक की अकादमिक यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
हिसार, 13 अक्टूबर (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
के मुद्रण प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्षा डॉ. वंदना को मुद्रण शिक्षा, शोध, अकादमिक
विकास और उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान
के लिए प्रतिष्ठित प्रिंट गुरु अवार्ड से सम्मानित किया गया है। ऑफसेट प्रिंटर्स एसोसिएशन
की ओर से प्रदान किया गया यह सम्मान उनकी लगभग ढाई दशक लंबी अकादमिक यात्रा की महत्वपूर्ण
उपलब्धि है।
डॉ. वंदना के नेतृत्व में विभाग में उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग
को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उनका मानना है कि मुद्रण प्रौद्योगिकी जैसे व्यावहारिक
विषय में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें
आधुनिक मशीनों, उत्पादन प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग तकनीकों और उद्योग
में हो रहे नवीन बदलावों का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से विभाग
की ओर से विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के साथ सहयोग, समझौते, कार्यशालाएं, विशेषज्ञ
व्याख्यान और औद्योगिक भ्रमण आयोजित किए जाते हैं।
डॉ. वंदना ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा
देने की दिशा में भी प्रयास किए हैं। विशेषज्ञों और औद्योगिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद
के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नवीन तकनीकी विकास, शोध की संभावनाओं
और उद्योग की बदलती जरूरतों से परिचित कराया जा रहा है।
मुद्रण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव भी उनके अकादमिक
दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, स्वचालन, डिजिटल
मुद्रण, स्मार्ट पैकेजिंग और पर्यावरण-अनुकूल मुद्रण जैसी तकनीकों से उद्योग का स्वरूप
बदल रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना समय
की जरूरत है।
प्रिंट गुरु अवार्ड डॉ. वंदना के मुद्रण शिक्षा, शोध, नेतृत्व और नवाचार के
क्षेत्र में निरंतर योगदान को रेखांकित करता है। उनके प्रयासों से विभाग की अकादमिक
पहचान मजबूत हुई है और विद्यार्थियों को आधुनिक मुद्रण एवं पैकेजिंग उद्योग की बदलती
आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। यह सम्मान मुद्रण
शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में भविष्य की नई उपलब्धियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर