हिसार : आरक्षण की मांग को अपराध बताना महिलाओं की आवाज दबाने का प्रयास : उमा सोनी

 


अधिकार मांगने वालों पर कार्रवाई, अपराधियों पर

खामोशी क्यों?

हिसार, 03 जून (हि.स.)। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस

की राष्ट्रीय सचिव एवं हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस प्रभारी उमा सोनी ने कहा है कि

वर्तमान सरकार में महिलाओं के अधिकारों की आवाज उठाना ही अपराध माना जा रहा है। उन्होंने

कहा कि अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने अगस्त 2024

में देशभर की महिलाओं के साथ जंतर-मंतर पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल को लागू करने

की मांग पर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद की थी, लेकिन महिलाओं को उनका संवैधानिक

अधिकार देने के बजाय सरकार ने आंदोलन करने वालों को ही निशाना बनाया।

उमा सोनी ने बुधवार काे कहा कि देश की राजधानी दिल्ली से

लेकर भाजपा शासित विभिन्न राज्यों में महिलाओं के खिलाफ लगातार जघन्य अपराध हो रहे

हैं। कहीं महिलाएं महंगाई की मार झेल रही हैं तो कहीं बुलडोजर की कार्रवाई से उजड़ते

घरों के बीच महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है, लेकिन सरकार इन समस्याओं

के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान

और अधिकार सुनिश्चित करने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। लोकतंत्र में अपनी

बात रखना और अधिकारों की मांग करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन

आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि अधिकार मांगने वालों को ही दोषी ठहराया जा रहा है।

उमा सोनी ने कहा कि यदि महिलाओं के अधिकारों के

लिए आवाज उठाना अपराध है तो महिला कांग्रेस इस अपराध को आगे भी करती रहेगी। उन्होंने

कहा कि महिला कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया

गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में महिलाओं के हक, सम्मान और सुरक्षा के लिए संघर्ष

जारी रखेगी तथा हर अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर