हिसार : मृत पिता के फर्जी हस्ताक्षर कर बनाया किरायानामा, संपत्ति हड़पने की कोशिश

 


सिविल लाइन थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार

कर भेजा जेल

फर्जी किरायानामा और दो मोबाइल बरामद

हिसार, 05 अक्टूबर (हि.स.)। जायदाद हड़पने की नीयत

से मृत व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर कर किरायानामा तैयार करने के मामले में सिविल लाइन

पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से असल फर्जी

किरायानामा और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोबाइल फोन की जांच में फर्जी दस्तावेजों

से संबंधित स्क्रीनशॉट भी मिले हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया

गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के निर्देशन में

अपराध और धोखाधड़ी के मामलों में आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत

यह कार्रवाई की गई। मामले में 11 सितंबर 2026 को धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत

सिविल लाइन थाना में केस दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके

पिता का निधन 15 जनवरी 2026 को हो चुका है। परिवार जिस मकान में रह रहा है, वह उनकी

दादालाई जायदाद है। आरोप है कि महिला आरोपी सुमन और उसके भाई सुखराम उर्फ दीपू ने जायदाद

हड़पने की नीयत से 8 जून 2026 को फर्जी किरायानामा तैयार किया।

इसमें शिकायतकर्ता के

मृत पिता को मकान मालिक और सुखराम को किरायेदार दर्शाया गया तथा मृत व्यक्ति के फर्जी

हस्ताक्षर कर दिए गए। इतना ही नहीं, इसी फर्जी किरायानामे के आधार पर सुखराम ने 9 जून

2026 को मकान की पहली मंजिल पर बिजली का मीटर लगवाने के लिए आवेदन भी कर दिया। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच एएसआई अंजू

ने की। जांच के दौरान दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से संबंधित रिकॉर्ड प्राप्त

किया गया। रिकॉर्ड से फर्जी किरायानामे के आधार पर बिजली मीटर लगवाने के लिए आवेदन

किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी।

पुलिस ने आरोपी सुखराम को उसके घर से गिरफ्तार

किया। उसकी निशानदेही पर असल फर्जी किरायानामा बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी को अदालत

में पेश कर पूछताछ के लिए एक दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। पूछताछ के दौरान सामने

आए तथ्यों के आधार पर सीएससी सेंटर संचालक रोहताश को भी जांच में शामिल किया गया और

गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ पूरी करने के बाद उन्हें अदालत

में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वीवो वाई100 और

वीवो टी1 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। वीवो टी1 में सिम भी लगी हुई थी। पुलिस के अनुसार

दोनों मोबाइल फोन में फर्जी दस्तावेजों से संबंधित स्क्रीनशॉट मिले हैं, जिन्हें मामले

की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर