हिसार : ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को कम से कम एक पशु अवश्य पालना चाहिए : प्रो. विनोद वर्मा
लुवास में पांच दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
हिसार, 10 जनवरी (हि.स.)। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय
(लुवास) के कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों
के लिए ‘मूल्य संवर्धित दुग्ध उत्पादों’ विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
हुआ। समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा मुख्य अतिथि
के रूप में उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने शनिवार काे कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक
परिवार को कम से कम एक पशु अवश्य पालना चाहिए। इससे न केवल दूध की नियमित उपलब्धता
होती है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में अनुशासन और सकारात्मक दिनचर्या भी विकसित होती
है। उन्होंने कहा कि दूध एक संपूर्ण आहार है तथा इससे तैयार किए जाने वाले मूल्य संवर्धित
दुग्ध उत्पाद किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कुलपति ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान किसानों को पनीर, बर्फी, खजूर बर्फी,
अंजीर बर्फी, कुल्फी, रसगुल्ला एवं चीज़ जैसे विभिन्न मूल्य संवर्धित दुग्ध उत्पादों
के निर्माण की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने प्रतिभागियों
से आह्वान किया कि वे इन तकनीकों को अपनाकर डेयरी आधारित उद्यम स्थापित करें और आत्मनिर्भर
बनें।
इस अवसर पर कुलपति एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को
प्रमाण पत्र एवं प्रशिक्षण से संबंधित उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम
में कुलसचिव डॉ. एसएस ढाका, पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज रोज, अनुसंधान
निदेशक डॉ. नरेश जिंदल, निदेशक आईपीवीएस डॉ. पवन, मानव संसाधन प्रबंधन निदेशिका डॉ.
सोनिया सिंधु, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. गौतम, लेखा नियंत्रक विकास खर्ब सहित विभिन्न
विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, प्राध्यापक एवं छात्र उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. शरणगौड़ा बी. पाटिल
ने प्रशिक्षण की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागी किसानों की सक्रिय
सहभागिता की सराहना की। प्रतिभागी किसानों ने भी प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते
हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ.
इंदु ने किया जबकि डॉ. सुमित महाजन ने धन्यवाद करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम
का आयोजन कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी, लुवास द्वारा किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर